ब्रिटिश अख़बार ने अपने एक संपादकीय में लिखा है कि डोनल्ड ट्रम्प को कई बार चेतावनी दी जा चुक है कि ईरान को लेकर उनकी आक्रमक नीति और आर्थिक प्रतिबंधों पर आधारित अधिकतम दबाव की नीति के परिणाम स्वरूप कभी भी अचानक युद्ध भड़क सकता है।
“पिछले हफ़्ते जैसा कि लम्बे समय से आशा की जा रही थी, समीकरण उलट गए और कुछ ही घंटों में दुनिया बहुत ही भयानक युद्ध की कगार पर पहुंच गई। दोनों ही पक्षों से कुछ ग़लतियां हुईं, हालांकि अमरीकी कमांडरों की ग़लती ज़्यादा लगती है। लेकिन सबसे बड़ी ग़लती अमरीकियों ने वर्ष 2016 में की थी, जब उन्होंने एक ख़तरनाक मूर्ख आदमी को अपना राष्ट्रपति चुना।”
गुरुवार को नए घटनाक्रमों का दौर ईरान द्वारा अमरीकी ड्रोन विमान को मार गिराने और ट्रम्प द्वारा ईरान के ख़िलाफ़ हवाई हमलों का आदेश देने फिर कुछ ही मिनट पहले उसे वापस लेने के साथ शुरू हुआ।
धमकी और अपमान की नीति कई महीनों से जारी थी। पिछले ही हफ्ते वाशिंगटन ने तेहरान पर तेल टैंकरों पर हमला करने का आरोप लगाया था और उसकी सीमाओं के आसपास और अधिक सैनिकों को तैनात करने की बात कही थी, लेकिन ड्रोन की घटना पूरी बाज़ी ही पलट दी।
गार्डियन आगे लिखता है कि पेंटागन ने दावा किया कि जिस समय ईरान ने ड्रोन को मार गिराया वह उस समय अंतरराषट्रीय वायु सीमा में उड़ान भर रहा था। ईरान ने पूरी कड़ाई से पेंटागन के इस दावे को ख़ारिज कर दिया और कहा कि उसकी वायु सीमा का उल्लंघन हुआ है। अमरीका ने नक़्शा पेश किया तो ईरान ने ड्रोन का ढांचा प्रदर्शित कर दिया और यह भी चेतावनी दी कि अगर दोबारा उसकी सीमा का उल्लंघन हुआ तो उसका जवाब भी इसी शैली में होगा।
ईरान ने अपनी सीमा के उल्लंघन के मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में उठाने की भी मांग की है।