20 जून 2019 - 15:42
ईरान द्वारा अमरीकी ड्रोन मार गिराए जाने के बाद, तेल की क़ीमतों में लगी आग

गुरुवार को फ़ार्स खाड़ी में ईरान द्वारा अमरीकी सेना के ड्रोन विमान को मार गिराए जाने के बाद क्षेत्र में तनाव अपने चरम पर है और अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में तेल की क़ीमतें बढ़ गई हैं।

ईरान की इस्लामी क्रांति की फ़ोर्स आईआरजीसी ने ईरान की वायु सीमा का उल्लंघन करने के कारण होरमुज़गान प्रांत के निकट स्ट्रेट ऑफ़ होरमुज़ में सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली से यह ड्रोन मार गिराया।

हालांकि अमरीका का दावा है कि ईरानी सेना ने उसका ग्लोबल हॉक ड्रोन अंतरराष्ट्रीय पानियों में मार गिराया है।

अमरीकी सेना ने अपने इस दावे के लिए किसी तरह का कोई प्रमाण पेश नहीं किया है।

ग़ौरतलब है कि अमरीका ने ईरान के ख़िलाफ़ आर्थिक प्रतिबंध कड़े करके हाल ही में अपने बमवर्षक और विमान वाहक युद्धपोत फ़ार्स खाड़ी में तैनात किए हैं, जिसके बाद क्षेत्र में तनाव में अत्यधित वृद्धि हो गई।

पिछले हफ़्ते ओमान सागर में ऑयल टैंकरों पर हमले और उससे पहले मई में यूएई की अलफ़ुजैरा बंदरगाह पर चार ऑयल टैंकरों पर हमले के बाद तो तनाव चरम पर पहुंच गया है।

ऑयल टैंकरों पर हुए हमलों का आरोप वाशिंगटन द्वारा तेहरान पर लगाने के बाद ईरान और अमरीका के बीच सीधे टकराव की संभावना बढ़ गई है।

हालांकि ईरान ने इन हमलों में अपना हाथ होने से इनकार किया है और अमरीका के आरोपों को निराधार बताया है।

तेल की क़ीमत प्रति बैरल 3.1 प्रतिशत बढ़कर 63.75 डॉलर तक पहुंच गई है।