इसी परिधि में अमरीकी विदेशमंत्री माइक पोम्पियो ने 16 जून को फ़ाक्स न्यूज़ चैनल से बात करते हुए ईरान पर ओमान सागर में तेल टैंकर्ज़ पर होने वाले हमले में लिप्त होने का आरोप लगाया और तेहरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने पर बल दिया।
पोम्पियो ने दावा किया कि वाशिंग्टन ईरान से युद्ध नहीं चाहता किन्तु इस देश के विरुद्ध आर्थिक और कूटनयिक दबाव यथावत जारी रहेंगे। पोम्पियो के दावे के अनुसार अमरीकी राष्ट्रपति ने उनके अनुसार युद्ध से बचने के लिए और ईरान के बर्ताव को बदलने के लिए जो कुछ भी उनके बस में था, अंजाम दिया।
पोम्पियो ने ओमान सागर में दो तेल टैंकर्ज़ को पेश आने वाली दुर्घटना में ईरान की भूमिका के बारे में पाए जाने वाले संदेह की ओर संकेत करते हुए दावा किया कि जो कुछ हुआ है उसके बारे में किसी भी प्रकार की शंका नहीं पायी जाती।
ईरान से युद्ध से बचने के बारे में पोम्पियो का यह दावा एसी स्थिति में सामने आया है कि अमरीकी सरकार ने ईरानी जनता के विरुद्ध आर्थिक युद्ध छेड़ रखा है और उसने अपनी इस शत्रुतापूर्ण नीतियों को जारी रखने पर बल भी दे रही है।
प्रसिद्ध टीकाकार डेविड फ़्रोम का कहना है कि अटलांटिक मैग्ज़ीन में प्रकाशित होने वाली रिपोर्ट की हेड लाइन में लिखा था कि जो व्यक्ति इराक़ युद्ध का समर्थक था उसकी सुनें , ईरान के साथ युद्ध त्रासदी होगा।