16 जून 2019 - 14:12
शीघ्र ही बड़ी जंग सऊदी अरब के भीतर होगीः अलबुखैती

सऊदी अरब द्वारा यमन के खिलाफ आरंभ किये गये युद्ध का पांचवां वर्ष ऐसी स्थिति में हुआ है जब युद्ध का समीकरण पूरी तरह बदल चुका है

यमन के खिलाफ सऊदी अरब ने जो हमला आरंभ कर रखा है उसका 51वां महीना समाप्त होने वाला है।

इस युद्ध को सऊदी अरब और उसके घटकों ने यमन के खिलाफ आरंभ किया था और आरंभिक दिनों में इस युद्ध की स्थिति यह थी कि यमनी सेना और स्वयं सेवी बल के जवान केवल रक्षात्मक मुद्रा में थे और कभी- कभार ही वे सऊदी अरब और संयुक्त अरब इमारात को नुकसान पहुंचाते थे और सऊदी गठबंधन के युद्धक विमान प्रतिदिन यमन के विभिन्न क्षेत्रों पर बमबारी करते थे इस प्रकार से कि हालिया दशक की सबसे बड़ी मानव त्रासदी यमन में घटी है और इस देश की 80 प्रतिशत मूलभूत संरचनाएं नष्ट हो चुकी हैं।

सऊदी अरब द्वारा यमन के खिलाफ आरंभ किये गये युद्ध का पांचवां वर्ष ऐसी स्थिति में हुआ है जब युद्ध का समीकरण पूरी तरह बदल चुका है और सऊदी अरब के पाश्विक हमलों के मुकाबले में यमनी सेना और अंसारुल्लाह का प्रतिरोध रक्षात्मक मुद्रा से निकल आक्रमक मुद्रा में आ गया है।

यमनी सेना के मिसाइली और ड्रोन हमलों को इसी परिप्रेक्ष्य में देखा जा सकता है। यमन की वायु सेना के प्रवक्ता अब्दुल्लाह जाफरी ने कहा है कि यमनी मिसाइलों और ड्रोन विमानों ने यमन युद्ध के समीकरण को बदल दिया है और सऊदी गठबंधन को वह शीघ्र ही युद्ध विराम करने पर बाध्य कर देगा।

इस स्थिति का महत्वपूर्ण संदेश यह है कि यमन युद्ध देश की सीमाओं में सीमित नहीं रहेगा बल्कि अब वह सऊदी अरब और संयुक्त अरब इमारात की सीमाओं तक फैल गया है और इस स्थिति ने आले सऊद और आले नहयान की लाचारी को हर समय से अधिक स्पष्ट कर दिया है।

महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि क्या कारण है जिसकी वजह से यमन युद्ध का समीकरण ही बदल गया है? प्रतीत यह हो रहा है कि इस संबंध में तीन कारणों की ओर संकेत किया जा सकता है। पहली चीज़ यमन के अंसारुल्लाह आंदोलन की आध्यात्मिक शक्ति है।

दूसरा कारण यह है कि यमन युद्ध थका देने वाला युद्ध हो गया है जो आले सऊद और उसके घटकों के क्रोध का कारण बना है और उनके खिलाफ आम जनमत के दबाव में वृद्धि हो गयी है और तीसरा कारण सऊदी अरब और संयुक्त अरब इमारात के मध्य मतभेदों का अधिक हो जाना है।

बहरहाल यमन युद्ध की स्थिति के दृष्टिगत अंसारुल्लाह के राजनीतिक कार्यालय के प्रवक्ता मोहम्मद नासिर अलबुखैती ने कहा है कि बड़ा युद्ध निकट है और यह बड़ा युद्ध सऊदी अरब के अंदर होगा।