रूस ने गुरुवार को ओमान सागर में तेल के दो टैंकर जहाज़ों के साथ घटी घटना के बारे में कि जिसके बारे में अमरीका का दावा है कि ईरान ने किया है, जल्दबाज़ी भरा फ़ैसला करने की ओर से चेतावनी दी है।
रूसी विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को बयान में कहा हैः "हमारे विचार में इस बारे में जल्दबाज़ी भरे निष्कर्ष से बचना चाहिए।"
ग़ौरतलब है कि गुरुवार को ओमान सागर में जिसे ओमान की खाड़ी की कहते हैं, तेल के दो टैंकर जहाज़ों पर विस्फोटक लगे। इन 2 तेल टैंकरों में एक पर मार्शल आईलैंड और दूसरे पर पनामा का झंडा लगा हुआ था। जिस टैंकर पर पनामा का झंडा लगा था उसकी मालिक जापानी कंपनी कुकुआ करेजस है, जबकि जिस टैंकर पर मार्शल आईलैंड का झंडा लगा था उसकी मालिक नॉर्वे की फ़्रन्ट अल्टायर कंपनी है।
जैसे ही इन दोनों टैंकरों ने ख़तरे का सिग्नल भेजा, ईरान का राहत पहुंचाने वाला जहाज़ उनकी मदद को पहुंचा और उसने टैंकर पर सवार सभी कर्मियों को बचाया।
इस घटना के तुरंत बाद अमरीकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने ईरान पर इसका इल्ज़ाम लगा दिया। उन्होंने दावा किया कि ये जहाज़ जिन सुरंगों से टकराए उसे ईरान ने बिछाया था। यह ऐसी हालत में है कि इस टैंकर के जापानी ऑप्रेटर का कहना है कि उड़ती हुयी कोई चीज़ इस टैंकर से टकरायी, जिससे अमरीकी दावे पर प्रश्न चिन्ह लग गया।
रूस के विदेश मंत्रालय ने अंतर्राष्ट्रीय जांच की मांग की है।
रूसी विदेश मंत्रालय के बयान में सभी पक्षों से संयम से काम लेने की अपील की गयी और कहा गया हैः "हमें ओमान खाड़ी में तनाव की ओर से चिंता है।"
ईरान ने अमरीका के इस इल्ज़ाम को कड़ाई से ख़ारिज किया और इस घटना को संदेहास्पद कहा।
दूसरी ओर मॉस्को ने इन दोनों तेल टैंकरों में से एक टैंकर से रूस के 11 कर्मी दल के सदस्यों की जान बचाने पर, ईरान का आभार व्यक्त किया।