12 जून 2019 - 13:54
सऊदी अरब ग़ुंडा टैक्स वसूल करता हैः क़तर

क़तर के विदेश मंत्री ने सऊदी अरब को क्षेत्र में अराजकता पैदा करने वाला देश बताते हुए कहा है कि ईरान तब तक अमरीका से वार्ता नहीं करेगा जब तक उस पर लगे आर्थिक प्रतिबंध हटा नहीं लिए जाते।

मुहम्मद बिन अब्दुर्रहमान आले सानी ने गार्डियन समाचारपत्र से बात करते हुए कहा है कि सऊदी अरब, मध्यपूर्व के क्षेत्र में अराजकता पैदा करने वाली शक्ति के रूप में काम कर रहा है और अधिकतर अवसरों पर वह अपनी अत्याचारपूर्ण नीतियों को लागू करने के लिए ग़ुंडा टैक्स वसूल करता है और आर्थिक दबाव का सहारा लेता है। उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि फ़ार्स की खाड़ी सहयोग परिषद में पैदा होने वाला संकट, क्षेत्रीय टकरावों में वृद्धि का कारण बना है और इसी ने लीबिया और सोमालिया में झड़पों को रुकावाने की कोशिशों को कठिन बना दिया है। क़तर के विदेश मंत्री ने कहा कि सऊदी अरब, कुछ सरकारों को अपना समर्थक बनाने की कोशिश कर रहा है और वास्तविकता यह है कि रियाज़ और अबू धाबी हर उस देश को आतंकवादी कहते हैं जिसमें किसी तानाशाह की सरकार न हो।

 

मुहम्मद बिन अब्दुर्रहमान आले सानी ने कहा कि कुछ देश, जिन्हें सऊदी अरब और संयुक्त अरब इमारात के समर्थन की ज़रूरत है, क़तर के ख़िलाफ़ शत्रुतापूर्ण नीति को लागू करने के लिए पैसे ऐंठते हैं और यही चीज़ अफ़्रीक़ा के कुछ क्षेत्रों में तनाव का कारण बनी हुई है। क़तर के विदेश मंत्री ने सूडान के संकट के बारे में कहा कि पिछले हफ़्ते ख़ारतूम में इस देश के सैन्य मुख्यालय के समक्ष धरने पर बैठे हुए लोगों को तितर-बितर करने के लिए फ़ायरिंग के परिणाम स्वरूप जो जनसंहार हुआ वह एक पाश्विक अपराध था।

 

उन्होंने तेहरान व वाॅशिंग्टन के बीच जारी तनाव के बारे में कहा कि दोहा, उन मध्यस्थों के साथ जुड़ना चाहता है जो ईरान व अमरीका के बीच टकराव को रोकने की कोशिश कर रहे हैं और उसका मानना है कि तेहरान, उस पर लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों की समाप्ति तक वाॅशिंग्टन से वार्ता नहीं करेगा।