तुर्की के डेली सबाह समाचार पत्र ने लिखा है कि गत रविवार को कुछ अज्ञात लोगों ने कैसल नगर की केन्द्रीय मस्जिद पर पत्थर फेंके जबकि अन्य नगर बर्मन में अज्ञात लोगों ने पवित्र ग्रंथ की लगभग पचास प्रतियों की अवमानना की।
कैसल मस्जिद के प्रमुख सैफुद्दीन एरियोराक ने बताया है कि जब मस्जिद पर हमला किया गया तो उसमें कोई मौजूद नहीं था।
जर्मन पुलिस ने बताया है कि हमला करने वालों के बारे में जांच आरंभ हो गयी है।
जर्मनी में दो मस्जिदों पर हमला एसी दशा में हुआ है कि हालिया वर्षों में हर कुछ दिन बाद, मुसलमानों के खिलाफ नस्लभेदी व्यवहार मीडिया में सुर्खी बनाता है।कुछ महीने पहले ब्रिटेन की छात्रा, नूरजहां सालिक को हम्बर्ग में केवल इस लिए किराए पर घर नहीं मिला क्योंकि वह इस्लामी हिजाब पहनती थीं। हालांकि बाद में मकान तलाश करने में मदद करने वाली वेबसाइट ने उनसे माफी मांगी और घर खोजने में मदद के आश्वासन के साथ ही हर्जाना भी अदा किया।