(ABNA24.com) जम्मू कश्मीर के कठुआ ज़िले में आठ साल की बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के मामले में तीन अपराधियों को आजीवन कारवास का दंड दिया गया है।
पठानकोट के ज़िला और सत्र न्यायालय ने सोमवार को कठुआ में आठ साल की बच्ची से दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या के मामले में छः अपराधियों को सज़ा सुनाई। न्यायालय ने इनमें से तीन को आजीवन कारावास और अन्य तीन को 5-5 साल की सज़ा सुनाई है। इससे पहले पठानकोट न्यायालय ने मुख्य आरोपी सांजी राम समेत अन्य 6 आरोपियों को दोषी क़रार दिया था। सातवें आरोपी को बरी कर दिया गया है। बंद कमरे में हुई इस मामले की सुनवाई तीन जून को पूरी हुई थी। ज्ञात रहे कि आठ साल की बच्ची का पिछले वर्ष दस जनवरी को अपहरण करके कठुआ ज़िले के रसाना गांव में बलात्कार किया गया था और चार दिन तक उसे बेहोशी की हालात में क़ैद रखने के बाद गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी।
भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने इस मामले को जम्मू कश्मीर से बाहर चलाये जाने का आदेश दिया था जिसके बाद गत वर्ष जून महीने के पहले सप्ताह में इस मामले की सुनवाई पड़ोसी राज्य पंजाब में पठान कोट के ज़िला एवं सत्र न्यायालय में शुरू हुई थी। अपराधियों में दो ग्रामीण और चार पुलिसकर्मी हैं। दो पुलिसकर्मियों पर आरोप था कि उन्होंने महत्वपूर्ण प्रमाण मिटाने के लिए मुख्य अभियुक्त से चार लाख रुपये की रिश्वत ली थी। उधर झारखंड के डिग्गी सामूहिक दुष्कर्म मामले में दुमका की एक अदालत ने 11 लोगों को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई है। प्रत्येक दोषी पर बीस हज़ार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। यह घटना छः सितम्बर 2017 को दुमका ज़िले के डिग्गी स्थान पर हुई थी। घटना के दो दिन बाद ही 16 अभियुक्तों को गिरफ़्तार कर लिया गया था जिनमें से 11 को सोमवार को सज़ा सुनाई गई है।
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11 जून 2019 - 06:42
समाचार कोड: 949467
जम्मू कश्मीर के कठुआ ज़िले में आठ साल की बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के मामले में तीन अपराधियों को आजीवन कारवास का दंड दिया गया है।