9 जून 2019 - 05:43
विश्व व्यापार से डॉलर का खेल ख़त्म करने की रूस और चीन की कोशिश

अमरीका द्वारा अपना लक्ष्य साधने के लिए अंतर्राष्ट्रीय व्यापार व वित्तीय तंत्र में डॉलर की स्थिति के दुरुपयोग की वजह से बहुत से देश इस स्थिति को बदलने का इशारा दे रहे हैं।

(ABNA24.com) अमरीका द्वारा अपना लक्ष्य साधने के लिए अंतर्राष्ट्रीय व्यापार व वित्तीय तंत्र में डॉलर की स्थिति के दुरुपयोग की वजह से बहुत से देश इस स्थिति को बदलने का इशारा दे रहे हैं।

इसी परिप्रेक्ष्य में रूसी राष्ट्रपति व्लादमीर पूतिन ने 7 जून को सेंट पीटर्ज़बर्ग में इस बात का उल्लेख करते हुए कि अमरीका डॉलर को हथकंडे के तौर पर इस्तेमाल कर रहा है, डॉलर के रोल के संबंध में पुनर्विचार करने पर बल दिया। रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि अमरीकी सरकार दुनिया पर अपना वर्चस्व जमाने की कोशिश में है।

पूतिन ने इससे पहले भी अमरीकी सरकार के डॉलर में लेन-देन के ख़िलाफ़ सीमित्ताएं लगाने के क़दम को ग़लत बताया था और कहा था कि इस तरह की नीति से विनिमय मुद्रा के रूप में डॉलर पर भरोसा कम हो जाएगा।

कुछ दिन पहले रूस के आर्थिक विकास मंत्री मैक्सिम ओरेश्किन ने इस बात का उल्लेख करते हुए कि दुनिया में डॉलर अपनी चमक धीरे धीरे खोता जा रहा है, कहा कि मॉस्को ने डॉलर से छुटकारा पाने की प्रक्रिया शुरु कर दी है। इसी परिप्रेक्ष्य में रूस और चीन के राष्ट्रपतियों ने बुधवार को अमरीकी पाबंदियों के प्रभाव को कम करने से संबंधित एक समझौते पर दस्तख़त किए जिसके अनुसार दोनों देशों के बीच व्यापार में डॉलर का कोई रोल नहीं होगा। इस समझौते के अनुसार, दोनों देश अपनी राष्ट्रीय मुद्रा रूबल और युवान में लेन-देन करेंगे। दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाले चीन और सैन्य व राजनैतिक दृष्टि से अमरीका के मुख्य प्रतिद्वंद्वी के रूप में रूस की स्थिति के मद्देनज़र दोनों देशों के इस फ़ैसले का बहुत असर पड़ेगा।

अमरीका की डॉलर के ज़रिए दूसरे देशों पर दबाव व धमकी देने की नीति की वजह से दुनिया के देश डॉलर से छुटकारा पाने और इसका विकल्प तलाश करने पर मजबूर हुए कि जिसका नतीजा, विश्व व्यापार व वित्तीय तंत्र से डॉलर की भूमिका के बहुत कम होने के रूप में सामने आएगा।




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