6 जून 2019 - 13:10
झूठी "बी" टीम फिर हंगामा मचा रही हैः ज़रीफ़

विदेश मंत्री ज़रीफ़ ने इमारात की एक बंदरगाह में हुई घटना के लिए ईरान को दोषी ठहराने के मूसाद के आरोप पर रोचक प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने ज़ायोनी शासन की गुप्तचर संस्था मूसाद की ओर से संयुक्त अरब इमारात की अलफ़ुजैरा बंदरगाह पर होने वाली घटना के लिए ईरान पर आरोप लगाए जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि झूठी "बी" टीम फिर हंगामा मचा रही है। ज़ायोनी संचार माध्यमों ने बताया है कि मूसाद ने अलफ़ुजैरा की घटना के तीन हफ़्ते बाद अमरीका को इस बात के लिए मना लिया है कि वह ईरान को इस घटना के लिए मुख्य दोषी घोषित करे। 12 मई को अलफ़ुजैरा में हुए कई विस्फोटों में चार तेल टैंकरों को भारी क्षति पहुंची थी। इमारात ने पहले इस घटना की ख़बरों को झुठला दिया था लेकिन बाद में इस देश के विदेश मंत्रालय ने घोषणा की कि चार आयल टैंकर एक विध्वंसक कार्यवाही में बुरी तरह घायल हो गए हैं।

 

इस घटना के बाद अमरीका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जाॅन बोल्टन ने निराधार दावा करते हुए कहा था कि उन्हें इस बात में संदेह नहीं है कि इस घटना में ईरान का हाथ है। डाॅक्टर ज़रीफ़ ने ट्वीट किया है कि ईरान कई बार दुर्घटनाओं और उनके लिए ग़लत पक्षों को दोषी ठहराने की ओर से सचेत कर चुका है लेकिन इस बार मूसाद अलफ़ुजैरा की घटना में ईरान के लिप्त होने के बारे में गुप्तचर सूचनाओं में फेर-बदल कर रहा है। ईरानी विदेश मंत्री ने संसार के कुछ युद्धप्रेमी नेताओं का नाम बी टीम रखा है जिनके नाम अंग्रेज़ी के "बी" अक्षर से शुरू होते हैं, जैसे बेनयामिन नेतनयाहू, बिन सलमान, बिन ज़ायद और बोल्टन।