28 मई 2019 - 17:45
ट्रम्प अगर ईरान से बात करना ही चाहते हैं तो उन्हें उठाने होंगे यह क़दम...

अमरीका और ईरान के बीच तनाव के चलते अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने कहा है कि वह ईरान से बात करना चाहते हैं, लेकिन उनकी यह समझ में नहीं आ रहा है कि ईरान को किस तरह वार्ता के लिए तैयार करें।

ट्रम्प एक ओर मध्यपूर्व के लिए विमान वाहक युद्धपोत और बमवर्षक भेज रहे हैं और क्षेत्र में सैनिकों की संख्या बढ़ा रहे हैं, तो दूसरी ओर वार्ता का प्रस्ताव दे रहे हैं।

कहा यह जा रहा है कि यह एक बहुत ही घिसीपिटी रणनीति है, जो ईरान के बारे में पूर्ण रूप से अप्रभावी हो गई है, तो यहां यह सवाल उठता है कि ऐसी स्थिति में ट्रम्प को क्या करना चाहिए?

तेहरान से बातचीत करने के लिए ट्रम्प को एक प्रभावी रणनीति बनानी होगी, ताकि वार्ता के लिए एक अनुकूल वातावरण बन सके।

सबसे पहले तो ट्रम्प को ईरान के ख़िलाफ़ युद्ध का ढोल पीटने वाले अपने राष्ट्रपीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन और विदेश मंत्री माइक पोम्पियो को बाहर का रास्ता दिखाना होगा।

इन दोनों के बारे में स्पष्ट रूप से यह कहा जा सकता है कि यह दोनों अमरीका और अमरीकी जनता की सेवा में होने के बजाए इस्राईली एजेंडे को आगे बढ़ाने में अधिक दिलचस्पी रखते हैं।

दूसरे यह कि ट्रम्प को यह गुमान है कि ईरान के साथ सैन्य टकराव के बजाए वह आर्थिक युद्ध से अपने उद्देश्य तक पहुंच सकते हैं और ईरान को अपनी शर्तें स्वीकार करने करने के लिए झुका सकते हैं।