ईरान के साथ तनाव में वृद्धि के बाद, शुक्रवार को अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने कहा था कि वाशिंगटन मध्यपूर्व के लिए और 1,500 सैनिक भेज रहा है।
केवल इतना ही नहीं, शुक्रवार को ही ट्रम्प प्रशासन ने सऊदी अरब को हथियारों के निर्यात के उद्देश्य से आपातकाल की घोषणा करने के लिए अमरीकी हथियार नियंत्रण कानून के तहत ऐसे प्रावधान को लागू किया है, जिसका बहुत ही कम इस्तेमाल होता है।
दोनों देशों के बीच तनाव के चलते एक वरिष्ठ ईरानी सैन्य अधिकारी ने कहा है कि ईरान, मध्यपूर्व में तैनात अमरीकी विमान वाहक युद्धपोत को डुबो सकता है।
ग़ौरतलब है कि अमरीका द्वारा संयुक्त अरब इमारात की बंदरगाह अल-फ़ुजेरा में तेल टैंकरों में हुए धमाकों का आरोप ईरान की इस्लामी क्रांति फ़ोर्स आईआरजीसी पर लगाने के बाद क्षेत्र में तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है।
ईरानी सैन्य कमान के एक सलाहकार जनरल मुर्तज़ा क़ुरबानी का कहना था कि अमरीका इलाक़े में दो विमान वाहक युद्धपोत भेज रहा है। लेकिन अगर उन्होंने कोई छोटी सी भी हरकत की तो हम उन्हें उन पर रखे गए विमानों, सैनिकों और ख़ुफ़िया हथियारों समेत समुद्र की गहराईयों में पहुंचा देंगे।
ईरान की ओर से यह चेतावनी ऐसे समय में सामने आई है कि जब अमरीका और उसके क्षेत्रीय घटकों ने इलाक़े में सैन्य गतिविधियां तेज़ कर दी हैं।
पश्चिमी विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान के पास लम्बी दूरी और कम दूरी तक अपने लक्ष्य को सटीक रूप से भेदने वाले गाइडेड मिसाइल मौजूद हैं, जो क्षेत्र में किसी भी संभावित युद्ध का गणित बदल सकते हैं।