26 मई 2019 - 09:01
"डील ऑफ़ द सेन्चरी" को नाकाम बनाना सबकी ज़िम्मेदारी हैः हसन नसरुल्लाह

लेबनान के हिज़्बुल्लाह प्रतिरोध आंदोलन के महासचिव सय्यद हसन नसरुल्लाह ने कहा है कि इस्राईल हिज़्बुल्लाह को मुख्य ख़तरा कह कर उसके ख़िलाफ़ दुनिया को भड़काना चाहता है।

(ABNA24.com) लेबनान के हिज़्बुल्लाह प्रतिरोध आंदोलन के महासचिव सय्यद हसन नसरुल्लाह ने कहा है कि इस्राईल हिज़्बुल्लाह को मुख्य ख़तरा कह कर उसके ख़िलाफ़ दुनिया को भड़काना चाहता है।

उन्होंने शनिवार की शाम राजधानी बैरूत में टेलीविजन द्वारा अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि अमरीका और ज़ायोनी शासन हिज़्बुल्लाह के ख़िलाफ़ साज़िश कर रहे हैं ताकि इस आंदोलन के प्रति जनता के समर्थन को कमज़ोर करें।

हिज़्बुल्लाह के महासचिव ने बल दिया कि हिज़्बुल्लाह अमरीका और इस्राईल की वर्चस्ववादी साज़िशों के मुक़ाबले में डटा हुआ है।

सय्यद हसन नसरुल्लाह ने कहाः "अगर हिज़्बुल्लाह न होता तो अमरीका दक्षिणी लेबनान को इस्राईल को दे चुका होता। हम शब्आ फ़ार्म्ज़, कफ़्रशुबा गांव और ग़जर गांव के उत्तरी भाग की प्राप्ति के अपने अधिकार पर डटे हुए हैं।"

उन्होंने कहाः "लेबनान अपने तेल और गैस के भंडार को लूटने से ज़ायोनी शासन को रोक सकता है।"

हिज़्बुल्लाह के महासचिव ने इसके साथ ही फ़िलिस्तीनी कॉज़ और फ़िलिस्तीनियों की वतन वापसी के अधिकार को उनके आंदोलन की ओर से पूर्ण समर्थन पर बल दिया। उन्होंने पूरी दुनिया के लोगों से क़ुद्स दिवस की रैली में भाग लेने की अपील की।

इसी तरह उन्होंने अमरीका की अगुवाई में अगले महीने बहरैन में अमरीकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प की इस्राईल-फ़िलिस्तीन के बीच "डील ऑफ़ द सेन्चरी" नामक विवादित शांति प्रस्ताव के समर्थन में होने वाले सम्मेलन पर प्रतिक्रिया जताते हुए कहा कि इस पहल का लक्ष्य फ़िलिस्तीनी कॉज़ को ख़त्म करना है।




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