25 मई 2019 - 14:04
मध्यपूर्व में सैनिक भेजने के ट्रम्प के फैसेल से रूस चिंतित

पश्चिमी एशिया में अमरीका की बढ़ती सैन्य उपस्थिति पर रूस ने चिंता व्यक्त की है।

रूस के विदेशमंत्री ने अमरीका के उस निर्णय पर चिंता जताई है जिसके अनुसार वाशिग्टन, मध्यपूर्व में अपनी सैन्य उपस्थिति को बढ़ाने जा रहा है। रूसी विदेशमंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि अमरीका की ओर से पश्चिमी एशिया में 1500 सैनिकों के भेजे जाने पर आधारित फैसले से इस क्षेत्र में बड़ी झड़पों के होने की संभावना पाई जाती है।  रूस ने इसपर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि माॅस्को इस मामले को संयुक्त राष्ट्रसंघ की सुरक्षा परिषद में उठाएगा।

उल्लेखनीय है कि अमरीकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने शुक्रवार को पश्चिमी एशिया के लिए अपने 1500 सैनिक भेजने की घोषणा की है।  उन्होंने अपने एक हास्यासपद बयान में कहा है कि यह क़दम, क्षेत्र में ईरान की धमकियों के मुक़ाबले के लिए उठाया गया है।

ज्ञात रहे कि ईरान की इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनेई ने 14 मई को अपने एक संबोधन में कहा था कि ईरान के पास अब एकमात्र विकल्प, अमरीका के सामने प्रतिरोध करना है।  उन्होंने कहा कि अमरीका की वर्तमान सरकार के साथ वार्ता का अर्थ है ज़हर खाना।  वरिष्ठ नेता का कहना था कि युद्ध नहीं होगा बल्कि अब संकल्प का टकराव है।  उन्होंने कहा कि सकल्प के इस टकराव में अमरीका को पीछे हटना पड़ेगा।