बुधवार को हज़ारों छात्रों ने ईरान की इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामनेई से भेंट की। इस भेंट में वरिष्ठ नेता ने कहा कि आप लोग विश्वास रखें कि मानवता के दुश्मन अर्थात अमरीका की तुच्छ सभ्यता तथा इस्राईल का पतन अपनी आंख से देखेंगे।
इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता, आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनई ने आशा की किरण को हर सामूहिक आंदोलन के आगे बढ़ने का कारण बताया और कहा कि बड़े- बड़े कामों को अंत तक पहुंचाने में ईरानी राष्ट्र की अदभुत क्षमता, ईरानी जनता के मार्ग की सबसे महत्वपूर्ण आशा है।
वरिष्ठ नेता ने कहा कि पश्चिमी सभ्यता का पतन और विनाश जिसका स्पष्ट रूप नज़र आने में थोड़ा समय है, ईरानी जनता के सामूहिक आंदोलन के लिए, आशा की एक अन्य किरण है।
वरिष्ठ नेता ने कहा कि आप युवाओं को इस बात का विश्वास रखना चाहिए कि आप सब मानवता के दुश्मन अर्थात अमरीका की तुच्छ सभ्यता तथा इस्राईल का पतन अपनी आंखों से देखेंगे।
वरिष्ठ नेता ने इसी प्रकार छात्रों और युवाओं से सिफारिश की कि वे रमज़ान के पवित्र महीने से लाभ उठाएं और ईश्वर से अपने संबंध को मज़बूत करें।
वरिष्ठ नेता ने इसी प्रकार छात्रों से कहा कि वह विश्व विद्यालयों में आंदोलनकारी संगठन बनाएं तथा प्रतिरोध मोर्चे से संबंधित देशों के छात्रों को आमंत्रित करके इस्लामी जगत के महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा कराएं।
इस्लामी क्रांति के गत चालिस वर्षों के इतिहास का अध्ययन इस बात का सूचक है कि विभिन्न क्षेत्रों में ईरान के विकास में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है और जिन क्षेत्रों में युवाओं ने कदम रखा है उसमें ध्यान योग्य विकास हुआ है और अब ईरान की इस्लामी क्रांति पांचवें दशक में दाखिल हो गयी है और इस दशक में भी प्रतिबद्ध युवाओं की भूमिका पर पहले से अधिक ध्यान दिया जा रहा है।
वरिष्ठ नेता के उस बयान को इसी परिप्रेक्ष्य में देखा जा सकता है जिसमें उन्होंने कहा है कि जब देश के उच्च पदों का युवा विराजमान होंगे तो देश अधिक तीव्र गति के साथ विकास व प्रगति करेगा।