(ABNA24.com) यमन की सेना और स्वयंसेवी बलों ने दक्षिणी सऊदी अरब के नजरान एयरपोर्ट पर हथियारों के एक डिपो को ड्रोन हमले का निशाना बनाया है। यमनी ड्रोन से गिराए गए मिसाइल सऊदी अरब के हथियार डिपो पर लगे।
अलमसीरा टीवी चैनल ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि यह हमला क़ासिफ़-2 के नामक ड्रोन विमान से किया गया जिसके नतीजे में एयरपोर्ट पर आग लग गई।
सऊदी अरब ने इस हमले की बात स्वीकार तो की है लेकिन यह बेबुदनियाद दावा किया है कि हमले में सिविलियन प्रतिष्ठान को निशाना बनाया गया।
सऊदी गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अलमालेकी ने कहा कि यमनी सेना और स्वयंसेवी बलों ने इस हमले से साबित किया है कि वह क्षेत्रीय व अंतर्राषट्रीय सुरक्षा के लिए बहुत बड़ा ख़तरा हैं वह नागरिक प्रतिष्ठानों को निशाना बना रहे हैं।
ज्ञात रहे कि सऊदी एलायंस पर दुनिया भर में यह आरोप लगाया जाता है कि वह यमन में आम नागरिकों को निशाना बना रहा है। कुछ देशों ने इसी वजह से सऊदी अरब को हथियार बेचना रोक दिया है।
सऊदी अरब के तेल प्रतिष्ठानों पर ड्रोन हमले के एक सप्ताह बाद यह नया ड्रोन हमला एक सैनिक ठिकाने पर किया गया है जिसके बारे में टीकाकारों का कहना है कि इससे सऊदी अरब में पहले से मौजूद चिंता और बढ़ गई है क्योंकि सऊदी अरब का एयर डिफेन्स सिस्टम पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है।
यमन के अंसारुल्लाह आंदोलन ने कहा है कि उसकी लिस्ट में 300 टारगेट हैं।
मालेकी ने सोमवार को बेबुनियाद आरोप लगाया था कि अंसारुल्लाह आंदोलन ने अपने बैलेस्टिक मिसाइलों से जिद्दा और पवित्र नगर मक्का को निशाना था लेकिन अंसारुल्लाह का कहना है कि सऊदी अरब सरासर झूठ बोल रहा है हम कभी भी अपने देश की रक्षा करते हुए पवित्र नगरों को निशाना नहीं बना सकते।
यमन की सेना के प्रवक्ता यहया अस्सरीअ ने कहा कि सऊदी अधिकारी यह बेबुनियाद आरोप लगाकर यमन पर अपने बर्बर हमलों के लिए समर्थन जुटाने की कोशिश में हैं।
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21 मई 2019 - 07:29
समाचार कोड: 943084
यमन की सेना और स्वयंसेवी बलों ने दक्षिणी सऊदी अरब के नजरान एयरपोर्ट पर हथियारों के एक डिपो को ड्रोन हमले का निशाना बनाया है। यमनी ड्रोन से गिराए गए मिसाइल सऊदी अरब के हथियार डिपो पर लगे।