रशा टूडे की रिपोर्ट के अनुसार वाइट हाउस ने बताया है कि वह क्षेत्र में "डील आफ़ द सेंचुरी" के क्रियान्वयन के लिए सबसे पहले क्या करने वाला है। इस रिपोर्ट के अनुसार अमरीका व बहरैन ने एक संयुक्त बयान में कहा है कि बहरैन की राजधानी मनामा में 25 और 26 जुलाई को एक बैठक आयोजित की जाएगी जिसका उद्देश्य फ़िलिस्तीनी क्षेत्रों में पूंजी निवेश के लिए देशों को तैयार करना है। इस बयान के अनुसार इस बैठक में संसार के अहम देशों के राष्ट्राध्यक्ष और प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। इस संयुक्त बयान में कहा गया है कि मनामा बैठक, फ़िलिस्तीनियों व इस्राईल के बीच शांति की स्थिति में फ़िलिस्तीन में वैश्विक पूंजी निवेश का मार्ग प्रशस्त करेगी।
ज्ञात रहे कि फ़िलिस्तीन समस्या के समाधान के लिए "डील आफ़ द सेंचुरी" के नाम से मशहूर अमरीकी योजना में साठ लाख शरणार्थी फ़िलिस्तीनियों की स्वदेश वापसी की संभावना को हमेशा के लिए समाप्त कर दिया गया है और उन्हें वैकल्पिक मातृभूमियों में बसाने की बात कही गई है। अमरीका की ओर से बैतुल मुक़द्दस को इस्राईल की राजधानी के रूप में स्वीकार करना तथा अमरीकी दूतावास को तेल अवीव से बैतुल मुक़द्दस स्थानांतरित करना इसी परिप्रेक्ष्य में उठाया गया क़दम है।