हेंडरसन ने बताया है कि सीरिया के पूर्वी ग़ोता के दूमा नगर में रासायनिक हमले के बारे में इस संस्था ने जो रिपोर्ट दी थी वह तथ्यों पर आधारित नहीं है। रशा टूडे के अनुसार उन्होंने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि घटना स्थल के निरीक्षण और जांच के अनुसार गैस के सिलेंडर हवा से नहीं फेंके गए थे बल्कि उन्होंने ज़मीन पर मौजूद लोगों ने स्थापित किया था। इस रिपोर्ट के अनुसार हेंडरसन के नेतृत्व में विशेषज्ञों की एक टीम ने कई परीक्षण किए थे और वे लोग इस नतीजे पर पहुंचे थे कि दूमा क्षेत्र में घटना स्थल की स्थिति, हमले के परिणामों से मेल नहीं खाती।
हेंडरसन ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि अगर हमला बाहर से किया जाता और गैस के सिलेंडर हवा से फेंके जाते तो स्थिति अलग होती क्योंकि घटना स्थल पर कंक्रीट की एक छत में सूराख़ था और वहां पर विषैले पदार्थ मिलने चाहिए थे और इसी तरह एक अन्य स्थान पर रासायनिक पदार्थों का कंटेनर मिला जो फटा नहीं था। अगर ये चीज़ें ऊपर से फेंकी गई होतीं तो ये सारी बातें संभव न होतीं। इस लिए यह बात पूरे विश्वास से कही जा सकती है कि सीरियाई सेना ने रासायनिक हमला नहीं किया था बल्कि ये आतंकवादियों की कार्यवाही थी।