विदेश मंत्री ज़रीफ़ ने शुक्रवार को चीन की राजधानी बीजिंग पहुंचने पर कहा कि परमाणु समझौते की रक्षा करना विश्व समुदाय की ज़िम्मेदारी है, यदि विश्व समुदाय यह समझता है कि परमाणु समझौता एक बड़ी उपलब्धि है तो उसे इस समझौते की रक्षा के लिए व्यवहारिक क़दम उठाने होंगे।
विदेश मंत्री ज़रीफ़ ने बल देकर कहा कि विश्व समुदाय ने इस समझौते को बचाने के लिए ठोस क़दम उठाने के बजाए केवल बयान दिए, यह बात बिल्कुल साफ़ है कि हम व्यवहारिक क़दम चाहते हैं, ईरान से आर्थिक संबंधों का सामान्यीकरण होना चाहिए यह बात स्पष्ट रूप से परमाणु समझौते में लिखी हुई है।
जवाद ज़रीफ़ पिछले सप्ताह चीन से पहले तुर्कमनिस्तान, भारत और जापान का दौरा भी कर चुके हैं।
जवान ज़रीफ़ ने गुरुवार को कहा कि चीन ईरान का महत्वपूर्ण आर्थिक और राजनैतिक साझीदार है, चीन ने भी परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। उन्होंने कहा कि हम हालिया परिवर्तनों के बारे में चीन से विचारों का आदान प्रदान करना चाहते हैं। जवाद ज़रीफ़ ने कहा कि यदि परमाणु समझौते में शामिल चीन और रूस जैसे बड़े देश चाहते हैं कि यह समझौता बाक़ी रहे तो वे इस बात को सुनिश्चित करें कि परमाणु समझौते में ईरानी राष्ट्र के लिए रखे गए लाभ उसे हासिल हो रहे हैं।