रूसी विदेश मंत्री सिर्गेई लावरोफ़ ने सोमवार को सोची शहर में अपने चीनी समकक्ष वांग यी से भेंटवार्ता के बाद कहा कि जेसीपीओए में स्पष्ट रूप से यह प्रावधान मौजूद है कि अगर इस समझौते में शामिल दूसरे पक्षों ने अपने वचन का पालन नहीं किया तो ईरान अपनी उन प्रतिबद्धताओं से पीछे हट सकता है जिसे उसने स्वेच्छा से अंजाम देने के लिए कहा था।
उन्होंने कहा कि रूस-चीन का मानना है कि जेसीपीओए को बचाए रखना ज़रूरी है और ईरान के ख़िलाफ़ अमरीका की एकपक्षीय पाबंदियां जिनका लक्ष्य ईरान के तेल के निर्यात को रोकना है, ग़ैर क़ानूनी हैं।
रूसी विदेश मंत्री ने कहाः "हमने इस बात का भी उल्लेख किया कि ईरान जेसीपीओए के प्रति कटिबद्ध रहे लेकिन उसे हमारे योरोपीय भागीदारों से भी यही अपेक्षा है कि वे भी समझौते में अपने भाग का पालन करेंगे।"
रूसी विदेश मंत्री ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इस विषय पर अमरीकी समकक्ष माइक पोम्पियो से सीधी व निष्कपट बात होगी। इसके साथ ही उन्होंने उम्मीद जतायी कि परमाणु समझौते में शामिल योरोपीय पक्ष भी अपनी प्रतिबद्धताओं पर अमल करेंगे।
रूसी विदेश मंत्री ने कहाः "यह योजना (जेसीपीओए) और यह प्रस्ताव जो बाध्यकारी है, ईरान को विश्व तेल मंडी में तेल की बिना किसी रुकावट के आपूर्ति करने की गैरंटी देता है। इसलिए रूसी संघ इस बात को सुनिश्चित करेगा कि इस समझौते के दूसरे पक्ष ख़ास तौर पर योरोपीय भागीदार समझौते के अपने भाग को पूरा करेंगे। इसके अलावा कोई चारा नहीं है।"