शायद इसे युरोपीय संघ और अमरीका के संबंधों के इतिहास में पहली बार घटने वाली घटना कहा जा सकता है। ब्रसल्ज़ में युरोपीय विदेशमंत्रियों की बैठक चल रही थी, बैठक का विषय था, ईरान, अमरीकी विदेशमंत्री, माइक पोम्पियो इस बैठक के बारे में सुन कर इतने उतावले हुए कि मास्को की यात्रा रद्द करके, ब्रसल्ज़ पहुंच गये ताकि वहां युरोपीय विदेशमंत्रियों की बैठक में भाग लेकर और उनके साथ एक फोटो खिंचवा कर, ईरान के मामले में युरोप अमरीका एकता की घोषणा करे किंतु उनकी यह इच्छा मन में ही रह गयी। ब्रसल्ज़ में युरोपीय विदेशमंत्रियों ने पहले तो अधिक व्यस्तता की बात कह कर पोम्पियो से मिलने से ही इन्कार किया और जब मिले तो ईरान के बारे में अमरीका की तनाव पैदा करने वाली नीतियों का जम कर विरोध किया और साथ में फोटो खिंचवाने की अमरीकी विदेशमंत्री की मांग को भी अस्वीकार कर दिया।
यह सब कुछ इस लिए हुआ क्योंकि युरोप की समझ में आ चुका है कि मध्य पूर्व में जो भी होगा, उसके भयानक परिणाम उन्हें ही भुगतना होगा और संकट का कारक अमरीका, इलाक़े से दूर बैठा चैन की बांसुरी बजाएगा।
सब को अच्छी तरह से मालूम है कि अगर इस इलाक़े में युद्ध हुआ तो क्षेत्रीय देशों को तो नुकसान होगा ही, तेल उत्पादक देशों के आर्थिक केन्द्र तबाह हो जाएंगे और तेल की क़ीमत आसमान छूने लगेगी जिससे युरोपीय व पूर्वी एशियाई देशों के अर्थ व्यवस्था चरमरा जाएगी।
कुछ टीकाकारों का मानना है कि अमरीका का उद्देश्य भी यही है और वह इस तरह से विश्व के उन देशों की अर्थ व्यवस्था को तबाह करना चाहता है जो भविष्य में उसे टक्कर दे सकते हैं।
इस क्षेत्र में युद्ध का मामला युरोप के लिए केवल ऊर्जा तक ही सीमित नहीं है। युरोप को मालूम है कि इलाके में हर नये संकट की दशा में पलायन कर्ताओं का झुंड उनकी तरफ बढ़ेगा।
युरोप को लगता था कि ईरान कभी भी जेसीपीओए से नहीं निकलेगा और वह हमेशा धमकी देते थे कि अगर ईरान समझौते से बाहर निकला तो वह अमरीका के साथ हो जाएंगे लेकिन अमरीका के बाहर निकलने के एक साल बाद जब ईरान ने कुछ अनुच्छेदों का पालन रोक दिया तो युरोप की समझ में आ गया कि अब अगर उन्होंने कुछ नहीं किया तो ईरान न केवल यह कि जेसीपीओए से निकल जाएगा बल्कि वह एनपीटी से भी बाहर हो सकता है।
युरोप को यह भी पता है कि हालांकि ईरान परमाणु शस्त्र नहीं बनाना चाहता लेकिन बनाने की तकनीक उसके पास है और अगर उस पर बहुत अधिक दबाव डाला जाएगा तो हो सकता है कि वह अचानक कोई बड़ा फैसला कर ले और एसी दिशा में निकल जाए जो सब से लिए पछतावे का कारण बन जाए। (साभार स्पूतनिक न्यूज़ एजेन्सी