विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अब्बास मूसवी ने सोमवार को कहा कि अलहुदैदा, रासईसा और अस्सलीफ बंदरगाहों से यमनी सैनिकों की वापसी जहां स्वीडन समझौते से उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है वहीं सऊदी अरब द्वारा इस समझौते के उल्लंघन का भी प्रमाण है।
विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता ने, ईरान द्वारा स्टाॅकहोम समझौते के पुनः समर्थन पर बल देते हुए उसके पालन को, यमन में व्यापक राजनीतिक समाधान की भूमिका बताया और सऊदी अरब और यूएई द्वारा समर्थित छापामारों की ओर से इस समझौते के उल्लंघन का उल्लेख करते हुए आशा प्रकट की है कि संयुक्त राष्ट्र संघ और प्रभावशाली देश, सऊदी गठबंधन पर दबाव डाल कर उसे समझौते के पालन पर मजबूर करेंगे।