रविवार को संसद के खुले सत्र में संसद सभापति अली लारीजानी ने कहा, ईरान की इस्लामी क्रांति फ़ोर्स आईआरजीसी को आतंकवादी संगठनों की सूची में शामिल करने और ईरान के ख़िलाफ़ प्रतिबंध लागू करने से स्पष्ट होता है कि ट्रम्प प्रशासन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अव्यवस्था उत्पन्न करना चाहता है।
लारीजानी का कहना था कि अमरीकी अधिकारियों ने ईरान के ख़िलाफ़ मनोवैज्ञानिक युद्ध छेड़ रखा है, लेकिन हमेशा की तरह इसमें भी उनकी हार होगी।
अमरीकी सरकार ने 22 अप्रैल को एलान किया था कि जिन 8 देशों को नवम्बर 2018 में ईरान से तेल आयात के लिए 6 महीने की छूट दी गई थी, 2 मई 2019 से उन्हें यह छूट हासिल नहीं होगी।