बुधवार को तेहरान में थल सेना के कमांडरों को संबोधित करते हुए मेजर जनरल मूसवी ने कहा, देश के समाने गंभीर ख़तरा है, इसलिए सेना को पूरी तरह से तैयार रहना होगा।
ईरानी सेना प्रमुख का कहना था कि समस्त सशस्त्र बलों को लगातार युद्ध अभ्यास करते रहना चाहिए और ख़ुद को ऐसे तैयार रखना चाहिए जैसा कि हमले की रात में तैयार रहते हैं।
मेजर जनरल मूसवी ने कहा, हालांकि यह ख़तरा ज़मीन पर अपने पहले चरण में नहीं है, लेकिन थल सेना को हमेशा ही अपनी तैयारी पूरी रखनी चाहिए।
ग़ौरतलब है कि अमरीका द्वारा ईरान के तेल निर्यात को शून्य पहुंचाने के प्रयासों के बीज ईरान और अमरीका के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है।
ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर अमरीका ने उसके तेल निर्यात पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाने का प्रयास किया तो फ़ार्स खाड़ी स्थित स्ट्रेट ऑफ़ हुरमुज़ से वह तेल का कोई जहाज़ नहीं गुज़रने देगा।
इस बीच, मध्यपूर्व के मामलों में अमरीकी विदेश मंत्रालय के रक्षा उप सचिव (DASD) माइकल पैटरिक मुलरॉय ने कहा है कि ईरान, अमरीका के लिए पांच रूप से ख़तरा है।
आईएईए की रिपोर्टों की उपेक्षा करते हुए मुलरॉय ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को अमरीका और उसके सबसे बड़े सहयोगी इस्राईल के लिए ख़तरा बताया।
अमरीकी विदेश मंत्रालय के अधिकारी का कहना था कि अंतरराष्ट्रीय जलीय मार्गों की सुरक्षा के लिए भी ईरान एक ख़तरा है।
हिज़्बुल्लाह, हश्दुश्शाबी और यमनी स्वयं सेवी बलों के समर्थन को भी मुलरॉय ने अमरीका और उसके घटक देशों के लिए ख़तरा बताया। इसी प्रकार उन्होंने अल-क़ायदा के सरग़नाओं की ईरान में उपस्थिति का निराधार दावा किया।
इसी प्रकार, मुलरॉय ने ईरानी मिसाइलों और साइबर हमलों को अमरीका और उसके सहयोगी देशों के लिए ख़तरा क़रार दिया।