अंसारुल्लाह संगठन में युद्ध बंदियों के मामलों की राष्ट्रीय समिति के प्रमुख और इस संगठन के वार्ताकार दल के सदस्य अब्दुल क़ादिर अलमुर्तज़ा ने बताया है कि सऊदी अरब समर्थित मंसूर हादी की त्यागपत्र दे चुकी सरकार को प्रस्ताव दिया गया है कि वह रमज़ान के पवित्र महीने में युद्ध बंदियों की आरंभिक आदान-प्रदान करे ताकि दोनों पक्षों के कम से कम एक हज़ार युद्ध बंदी रिहा हो सकें। उन्होंने आशा जताई कि रियाज़ के अधीन पक्ष की ओर से अंसारुल्लाह संगठन के इस प्रस्ताव का सकारात्मक जवाब दिया जाएगा।
यमन की राष्ट्रीय मुक्ति सरकार और सऊदी अरब समर्थित मंसूद हादी की त्यागपत्र दे चुकी सरकार के प्रतिनिधि दिसम्बर 2018 में तटवर्ती शहर अलहुदैदा में संघर्ष विराम, तइज़ शहर की मानवीय स्थिति बेहतर बनाने, युद्ध बंदियों के आदान-प्रदान और सनआ हवाई अड्डे को दोबारा खोले जाने पर सहमत हुए थे। यह सहमति स्टाकहोम में संयुक्त राष्ट्र संघ के विशेष दूत की उपस्थिति में हुई थी लेकिन अतिक्रमणकारी लगातार इस सहमति का उल्लंघन कर रहे हैं।