ईरान की इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने रविवार को सुरक्षा बलों के वरिष्ठ कमांडरों और अधिकारियों के साथ भेंट में अर्थ व्यवस्था को सुरक्षा के लिए आवश्यक बताया। वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामनेई ने कहा कि आर्थिक विकास की एक बाधा तस्करी है।
वरिष्ठ नेता ने कहा कि आज कुछ चीज़ें जो देश की जनता और कृषि के लिए ज़रूरी हैं उनकी भी तस्करी होती है। वरिष्ठ नेता ने बल देकर कहा कि तस्करी की जाने वाली कुछ वस्तुओं के पीछे केवल मुनाफा कमाने की भावना नहीं है बल्कि उसके पीछे एक साज़िश और लक्ष्य है और सुरक्षा बलों को चाहिये कि पूरी होशियारी के साथ उनका मुकाबला करें।
तस्करी के कुपरिणाम आज देश की अर्थ व्यवस्था व व्यापार की नीति पर स्पष्ट हो चुके हैं और देश के सुरक्षा बल विभिन्न रूपों में चीज़ों की तस्करी से मुकाबला कर रहे हैं। ईरान जैसे देशों को तस्करी से मुकाबले की भारी कीमत चुकानी पड़ती है क्योंकि ज़मीनी और समुद्री लंबी सीमा है और सीमाओं पर होने वाली आवाजाही की निगरानी काफी कठिन कार्य है।
वस्तुओं की तस्करी से जो नकारात्मक प्रभाव पड़ते हैं विभिन्न आयामों से उसकी समीक्षा की जा सकती है। देशों में वस्तुओं की तस्करी को राजनीतिक दृष्टि से नकारात्मक दृष्टि से देखा जाता है और तस्करी से होने वाली आमदनी सामाजिक दृष्टि से विभिन्न वर्गों के बीच वर्गभेद में वृद्धि का कारण बनती है।
सामाजिक दृष्टि से भी वस्तुओं की तस्करी से समाज की आर्थिक स्थिति को भारी आघात पहुंचता है। अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन के आंकड़े के अनुसार एक अरब डॉलर की होने वाली तस्करी से देश में एक लाख रोज़गार के अवसर समाप्त होते हैं।
वरिष्ठ नेता ने सोशल साइटों की ओर संकेत करते हुए कहा कि आज लोग बड़े पैमाने पर सोशल साइटों का प्रयोग करने लगे हैं और जहां इसके फायदे हैं वहीं इनके बड़े ख़तरे भी हैं। उन्होंने सोशल साइटों के असुरक्षित होने को लोगों को नुकसान व आघात पहुंचने का कारण बताया और उनकी सुरक्षा को सुनिश्चित बनाने को सुरक्षा बलों का दायित्व बताया।
एक चीज़ हथियारों की खरीदारी और उनकी बिक्री है जो सामाजिक स्तर पर चिंता का कारण बनी है।
वरिष्ठ नेता ने कहा कि हथियारों की खरीदारी व बिक्री को रोकना सुरक्षा बलों का महत्वपूर्ण दायित्व है। वरिष्ठ नेता ने कहा कि हथियार बनाने वाली कंपनियों के मुनाफों के कारण अमेरिका जैसे कुछ देशों में हथियारों की खरीदारी व बिक्री आज़ाद है और उससे लोगों के लिए समस्याएं उत्पन्न हो गयी हैं पंरतु हमारे देश में इस प्रकार की समस्या नहीं है और हथियारों की खरीदारी व बिक्री मना है और उसे रोका जाना चाहिये।
बहरहाल वरिष्ठ नेता ने विभिन्न क्षेत्रों में सुरक्षा बलों के दायित्वों पर जो बल दिया है वह विशेष महत्व रखता है।