26 अप्रैल 2019 - 14:29
ईरान में मौजूद भारतीय धार्मिक छात्र बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए आए आगे

ईरान के पवित्र नगर क़ुम में धार्मिक शिक्षा प्राप्त कर रहे भारतीय छात्र, ईरान में आई विनाशकारी बाढ़ के पीड़ितों की सहायता के लिए आगे आए और न केवल पैसों से मदद की है बल्कि स्वयं बाढ़ग्रस्त इलाक़ों में जाकर बाढ़ से प्रभावित इलाक़ों में लोगों को सेवा प्रदान की है।

प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक़, मजलिसे ओलमाए हिन्द की क़ुम शाखा के अध्यक्ष मौलाना “अहमद रज़ा रिज़वी ज़ुरारा” ने एक बयान जारी करके बताया है कि गुरुवार को ईरान के पवित्र नगर क़ुम में एक बैठक हुई जिसमें बड़ी संख्या में भारतीय धार्मिक छात्रों एवं धर्मगुरुओं ने भाग लिया। मौलाना ज़ुरारा ने बताया कि क़ुम में धार्मिक शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्रों ने ईरान में आई विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए लगभग 40 मिलयन रियाल एकत्रित करके उनकी मदद की। उन्होंने बताया कि पैसों के अलावा 52 धार्मिक छात्रों पर आधारित एक टीम ईरान के उत्तरी और दक्षिण पश्चिमी बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में सहायता के लिए गई है।

मजलिसे ओलमाए हिन्द की क़ुम शाखा के अध्यक्ष मौलाना अहमद रज़ा ज़ुरारा ने बताया कि इस समय ईरान के हर कोने से लोग अपने देशवासियों की मदद के लिए बाढ़ प्रभावित इलाक़ों में पहुंच रहे हैं और मौजूद भी हैं। उन्होंने कहा कि पवित्र नगर क़ुम में पढ़ने वाले भारतीय धार्मिक छात्रों ने भी यह फ़ैसला किया कि वे भी ईरानी जनता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर इस देश की बाढ़ पीड़ित जनता की मदद करेंगे, इस उद्देश्य से दर्जनों भारतीय छात्र इस समय भी बाढ़ग्रस्त इलाक़ों में मौजूद हैं और ईरान के अलग-अलग इलाक़ों से बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए पहुंचने वाले स्थानीय लोगों में इस तरह घुल मिल गए हैं कि वह सब एक ही परिवार के सदस्य प्रतीत होते हैं।

इससे पहले मजलिसे ओलमाए हिन्द की क़ुम शखा की बैठक को डॉक्टर करीम नजफ़ी ने छात्रों को संबोधित करते हुए भारत की वर्तमान स्थिति और छात्रों की ज़िम्मेदारी पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि किसी भी देश के विकास में उस देश के छात्रों का सबसे महत्वपूर्ण रोल होता है। ईरान में रह रहे भारत के वरिष्ठ शिया धर्मगुरू मौलाना वलीयुल हसन ने भी छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि इस्लाम ने हमेशा पीड़ितों की मदद पर बल दिया है और परदेस में रहते हुए भी जिस तरह भारतीय धार्मिक छात्रों ने ईरान के बाढ़ पीड़ितों की सहायता की है वह सराहनीय है। इससे पहले मौलाना वलीयुल हसन ने कहा कि आज पूरी दुनिया में एक साज़िश के तहत इस्लाम और मुसलमानों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में हम सब की ज़िम्मेदारी बनती है कि इस्लाम और मुसलमान दुश्मन शक्तियों के षड्यंत्रों को का पर्दा फ़ाश करें और आम जनता को उससे आगाह कराएं। मौलाना वलीयुल हसन ने कहा कि दुनिया के जो हालात हैं उसमें धार्मिक छात्रों की ज़िम्मेदारी अधिक बनती है और हमारा कर्तव्य बनता है कि अपनी ज़िम्मेदारी को पूरी तरह निभाएं।