ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अब्बास मूसवी का कहना था कि न्यूयॉर्क में ज़रीफ़ ने क़ैदियों की आज़ादी का जो मुद्दा उठाया है, वह अमरीकी जेलों में बंद ईरानी क़ैदियों से संबंधित है, या उन ईरानी क़ैदियों से जो अमरीका के अनुरोध पर दूसरे देशों में क़ैद हैं, जिन्हें ईरान में बंद अमरीकी अपराधियों के बदले आज़ाद किया जाना है।
मूसवी ने ब्रिटिश विदेश मंत्री जेर्मी हंट के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरानी विदेश मंत्री के प्रस्ताव में तेहरान की एक जेल में बंद ईरानी मूल की ब्रिटिश नागरिक नाज़नीन ज़ग़ारी भी शामिल हैं।
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि क़ैदियों की अदला-बदली के प्रस्ताव में ब्रिटेन का कहीं ज़िक्र नहीं है।