26 अप्रैल 2019 - 14:19
सऊदी अरब में शिया मुसलमानों के नरसंहार और श्रीलंका में हुए आतंकवादी हमले के ख़िलाफ़ लखनऊ में ज़बरदस्त विरोध-प्रदर्शन

सऊदी अरब में अल्पसंख्यकों, विशेष तौर पर शिया मुसलमानों के जनसंहार और श्रीलंका में हुए आतंकवादी हमले के ख़िलाफ़ लखनऊ की ऐतिहासिक आसफ़ी मस्जिद में जुमे की नमाज़ के बाद ज़बरदस्त विरोध-प्रदर्शन हुआ।

प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक़,  सऊदी अरब में अल्पसंख्यकों पर जारी अत्याचार, विशेष रूप से इस देश के शिया मुसलमानों पर आले सऊद सरकार द्वारा किए जा रहे अत्याचारों एवं उनके जनसंहार के ख़िलाफ़ 26 अप्रैल शुक्रवार को जुमे की नमाज़ के बाद हज़ारों की संख्या में लखनऊ के मुसलमानों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने इसी तरह श्रीलंका के गिरजाघरों एवं होटलों में श्रृंखला बंद तरीक़े से हुए आतंकवादी धमाकों के विरुद्ध अपना आक्रोश जताया। प्राप्त जानकारी के अनुसार ऐतिहासिक आसफ़ी मस्जिद मे नमाज़े जुमा के बाद लखनऊ के इमामे जुमा एवं भारत में शिया मुसलमानों के वरिष्ठ धर्मगुरू मौलाना कल्बे जवाद नक़वी के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन का आयोजन मजलिसे ओलमाए हिन्द की ओर से किया गया था।

प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए मौलाना कल्बे जवाद नक़वी ने कहा कि “जिस तरह से सऊदी अरब में शिया मुसलमानों का नरसंहार किया जा रहा है वह निंदनीय हैं। संयुक्त राष्ट्र को ऐसे क्रूर तानाशाही शासन ख़िलाफ़ सख़्त क़दम उठाना चाहिए ताकि सऊदी अरब के शिया मुसलमानों को उनका अधिकार मिल सके और उनको सुरक्षा प्रदान हो सके। मौलाना कल्बे जवाद ने इसी तरह श्रीलंका में हुए आतंकी हमले की भी कड़े शब्दों में निंदा की और कहा कि तकफ़ीरी आतंकवादी गुट दाइश के आतंकियां ने एक बयान जारी करके यह दावा किया है कि उन्होंने श्रीलंका में हमला करके न्यूज़ीलैंड में मुसलमानों पर हुए आतंकवादी हमले का बदला लिया है। कल्बे जवाद ने कहा कि पहली बात यह है कि दाइश के आतंकी मुसलमान ही नहीं है और दूसरे उनके द्वारा इस तरह का बयान पूरी तरह इस्लामी शिक्षाओं के ख़िलाफ़ है, जो इस बात की पुष्टि करता है कि दाइश का इस्लाम से कोई संबंध नहीं है।

इमामे जुमा लखनऊ मौलाना कल्बे जवाद ने कहा कि इस्लाम में किसी के गुनाह की सज़ा किसी बेगुनाह को नहीं दी जा सकती, यह लोग इस्लाम के नाम पर इस्लाम को ही बदनाम कर रहे है, जबकि सच्चाई यह है कि इनका कोई धर्म नहीं है। मौलाना ने कहा कि आज दुनिया मे हर ओर शिया मुसलमानों का नरसंहार हो रहा है, हाल ही में, पाकिस्तान में हज़ारा शियों की हत्या की गई, अफ़ग़ानिस्तान में शियों को मारा जा रहा है, सऊदी अरब में लगातार शियों का नरसंहार किया जा रहा है। उन्होंने ने कहा कि श्रीलंका में हुए हमले की ज़िम्मेदारी दाइश ने स्वीकार की है जिसको आले सऊद सरकार का स्पष्ट समर्थन प्राप्त है। कल्बे जवाद ने कहा कि दुनिया मे जहां कहीं भी आतंकवाद है उसके पीछे अमेरिका, इस्राईल और उसके ख़रीदे हुए ग़ुलाम देश एवं आले सऊद का हाथ है।

मौलाना कल्बे जवाद ने कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान पर तरह-तरह के प्रतिबंध लगाए जाते हैं क्योंकि ईरान ने अमेरिका और साम्राज्यवादी शक्तियों की ग़ुलामी को स्वीकार नहीं किया है और साथ ही उनके द्वारा तैयार किए गए तकफ़ीरी आतंवादियों का इराक़ और सीरिया से सफाया करने में मुख्य भूमिका निभाई है। मौलाना जवाद ने कहा कि यदि भारत, अमेरिका और इस्राईल के दबाव में आकर ईरान से व्यापारिक संबंध समाप्त करता है तो दुनिया भर में यह संदेश जाएगा कि भारत भी पाकिस्तान और सऊदी अरब की तरह अमेरिका और इस्राईल का ग़ुलाम बन गया है। उन्होंने कहा कि हम अपने देश की सरकार से अपील करते हैं कि वे ईरान के साथ अपने संबंधों को जारी रखें और अमेरिका एवं इस्राईल के दबाव में न आकर तेहरान के साथ अपने संबंधों को और अधिक विस्तार दें।

विरोध प्रदर्शन के अंत में प्रदर्शनकारियों ने सऊदी अरब सरकार द्वारा अमेरिका और इस्राईल की मदद से दुनिया भर में फैलाए जा रहे आतंक के ख़िलाफ़ नारे लगाए प्रदर्शनकारियों ने संयुक्त राष्ट्र से सऊदी अरब में शियों के नरसंहार की जांच कराने और अपराधियों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई करने की मांग की, साथ ही प्रदर्शनकारियों ने सऊदी नरेश मोहम्मद बिन सलमान,  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प और इस्राईली प्रधानमंत्री नेतनयाहू की के पुतले फूंक कर इन सबके प्रति अपना आक्रोश को व्यक्त किया।