अमरीकी सीनेट ने 14 मार्च को 46 के मुक़ाबले 54 वोटों से जबकि चार अप्रैल को प्रतिनिधि सभा ने 175 के मुक़ाबले में 247 वोटों से इस बिल की मंज़ूरी दी थी।
वाइट हाऊस ने पहले ही धमकी दी थी कि राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प इस बिल को वीटो कर देंगे। अमरीका के युद्धोन्मादी राष्ट्रपति के जारी बयान में कांग्रेस के मंज़ूर किए इस बिल को ख़तरनाक और अनावश्यक प्रयास क़रार दिया गया है।
इससे पहले ब्रिटेन के चैनल-4 टेलीवीजन ने अपनी एक रिपोर्ट में यमन युद्ध में सऊदी अरब के साथ सहयोग के परिणाम में ब्रिटेन को होने वाले वित्तीय लाभ का रहस्योद्धाटन किया था।
रिपोर्ट में बताया गया था कि ब्रिटिश सरकार ने यमन युद्ध के आरंभ से अब तक सऊदी अरब को पांच अरब पाउंड के हथियार, सेवाएं और दक्षता दी हैं।