ईरान में 18 अप्रैल को सेना दिवस मनाया जाता है। सेना दिवस के अवसर पर परेड की तैयारी के लिए मंगलवार को तेहरान के मेहराबाद हवाई अड्डे पर ईरान में बने साइक़ा और कौसर युद्धक विमानों ने उड़ान भरे।
ईरान में बने साएक़ा और कौसर बम वर्षक विमानों ने एफ-5 और मिग-29 विमानों के साथ तेहरान के आकाश में उड़ान भरी।
इन विमानों के साथ ही ईंधन भरने वाले बोइंग 747 विमान ने भी उड़ान भरी। ईरान के युद्धक विमान कौसर का पिछले वर्ष नवंबर में उद्योगिक स्तर पर उत्पादन आरंभ हुआ था।
कौसर युद्धक विमान, आज़रख्श और साएक़ा के बाद , ईरान में बनने वाला तीसरा स्वदेशी युद्धक विमान है।
ईरान में बना कौसर युद्धक विमान, युद्ध में लाजिस्टिक उद्देश्यों के लिए बनाया गया है और इस विमान को बनाने के बाद ईरान, दुनिया के उन गिने चुने देशों में शामिल हो गया है जो इस प्रकार के चौथी पीढ़ी के विमान बनाने में सक्षम हैं।
कौसर युद्धक विमान विभिन्न प्रकार के बमों और मिसाइलों से लैस हो सकता है और ईरानी इंजीनियरों ने इसका डिज़ाइन कुछ इस प्रकार से तैयार किया है कि यह इस विमान पर ईरान में बने विभिन्न प्रकार के हथियार, लगाए जा सकते हैं।
चालीस वर्ष पहले जब ईरान में इस्लामी क्रांति सफल हुई थी तो इस देश में सुई भी नहीं बनती थी और जब इराक़ की सद्दाम सरकार ने ईरान पर हमला किया था तो ईरान के पास सीमा पर लगाए जाने वाले कंटीले तार भी नहीं थे और न ही कोई देश ईरान को यह तार बेचने पर तैयार था।
ईरान ने हथियारों और साधनों के अभाव के साथ 8 वर्षों तक युद्ध किया और अब जब क्रांति की चालीसवें वर्षगांठ मनायी जा रही है, ईरानी इंजीनियरों ने अमरीका के कड़े प्रतिबंधों के दौरान युद्धक विमान तक बना कर यह सिद्ध कर दिया कि राष्ट्रों के संकल्प के आगे, साम्राज्यवादी शक्तियां बौनी हैं।