अफ़ग़ानिस्तान के संसद सभापति के सहायक हुमायूं-हुमायूं ने कहा कि पिछले 19 वर्षों से अफ़ग़ानिस्तान में अपनी उपस्थिति के बावजूद वाशिग्टन, इस देश में सुरक्षा स्थापित करने में अक्षम रहा है। उन्होंने अफ़ग़ानिस्तान में संसदीय चुनाव में तीन वर्षों के विलंब का उल्लेख करते हुए कहा कि इस विलंब का मुख्य कारण सरकार की अनउपयोगिता नहीं बल्कि अमरीकी सैनिकों की अक्षमता है।
उल्लेखनीय है कि 3 वर्षों के विलंब के बाद अफ़ग़ानिस्तान में संसदीय चुनाव 20 तथा 21 अक्तूबर 2018 में कराए गए थे। इस हिसाब से अफ़ग़ानिस्तान की नई संसद को 6 मार्च 2019 से अपना काम आरंभ कर देना चाहिए किंतु अभी तक उसने अपना काम आरंभ नहीं किया है।