यह मेमोरेन्डम, ट्यूनेशिया के विदेशमंत्रालय को सौंप दिया गया है जो अरब संघ के 30 शिखर सम्मेलन का मेज़बान है।
यह सम्मेलन रविवार से आरंभ हो गया है।
यह मेमोरेन्डम गत फरवरी को ट्यूनेशिया में आयोजित उस सम्मेलन का परिणाम है जिसमें यमन में की स्थिति पर चर्चा की गयी थी।
इस बयान में यमन की घेराबंदी को खत्म किये जाने, सनआ के हवाई अड्डे को खोले जाने और बिना किसी शर्त के और तत्काल रूप से मानवता प्रेमी सहायता को भेजने की अनुमति दिये जाने की मांग की गयी है।
सऊदी अरब ने अमरीका और कुछ अरब देशों के समर्थन से मार्च 2015 से यमन पर हमले आरंभ कर रखे हैं जिनमें अब तक दसियों हज़ार बेगुनाह लोग मारे जा चुके हैं।