30 मार्च 2019 - 18:13
ब्रिटेन के लिए ब्रेक्ज़िट गले की फांस

ब्रेक्ज़िट को बचाने और निर्धारित समयावधि में सहमति के आधार पर योरोपीय संघ से लंदन को निकालने की ब्रिटिश प्रधान मंत्री टेरीज़ा मे की आख़िरी कोशिश बेनतीजा रही। ब्रिटिश संसद में शुक्रवार को योरोपीय संघ से ब्रिटेन को निकालने के समझौते के ख़िलाफ़ मतदान हुआ।

मतदान प्रक्रिया के दौरान 344 सदस्यों ने टेरीज़ा मे सरकार और योरोपीय संघ के बीच नवंबर 2018 को ब्रेक्ज़िट के संबंध में हुयी सहमति के ख़िलाफ़ वोट दिया। यह मतदान ऐसी हालत में हुआ कि टेरीज़ा मे ने वादा किया था कि अगर योरोपीय संघ और लंदन के बीच हुयी सहमति को ब्रिटिश संसद ने पास कर दिया तो वह अपने पद से इस्तीफ़ा दे देंगी।

ब्रिटिश संसद में ब्रेक्ज़िट के ख़िलाफ़ मतदान ऐसी हालत में हुआ कि योरोपीय संघ ने 29 मार्च तक ब्रिटेन को ब्रेक्ज़िट को पास करने का मौक़ा दिया था।

ऐसा लगता है कि अगले दो हफ़्ते ब्रिटेन के लिए बहुत कठिन होंगे। ब्रेक्ज़िट में विलंब एक तरह से लंदन की कमज़ोरी समझी जा रही है और इस संबंध में अटकलें तेज़ हो रही हैं। अगर बिना सहमति के ब्रिटेन निकलता है तो इसका न सिर्फ़ ब्रिटेन बल्कि इस देश के घटकों को भी नुक़सान उठाना पड़ेगा। योरोपीय संघ के अधिकारी बिना सहमति के लंदन के निकलने के संबंध में तय्यारी का एलान कर चुके हैं, लेकिन आने वाले दिनों में स्पष्ट हो जाएगा कि क्या लंदन जिस तरह दावा कर रहा है बिना सहमति के ब्रेक्ज़िट के ख़र्च को बर्दाश्त कर पाएगा या यह कि वह ब्रेक्ज़िट का फिर से विलंबन चाहेगा।