मुहम्मद अशरफ़ ग़नी ने अपने देश की वर्तमान अशांति को शांति वार्ता से संबन्धित बताया है।अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति मुहम्मद अशरफ़ ग़नी ने अपने एक भाषण में तालेबान और अमरीका के बीच तथाकथित शांति वार्ता की ओर संकेत किये बिना कहा कि शांति तक पहुंचने से पहले सामान्यतः अशांति में वृद्धि होती है। उन्होंने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान में हालिया दिनों में हिंसा में वृद्धि का उद्देश्य, वार्ता में अधिक से अधिक विशिष्टताएं लेना है। अशरफ़ ग़नी ने कहा कि इन बातों के बावजूद देश में किये जाने वाले आतंकवादी हमलों का मुक़ाबला किया जाना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि अमरीका और तालेबान के प्रतिनिधियों के बीच क़तर में तथाकथित शांति वार्ता का पांचवां चरण बिना किसी सहमति के समाप्त हो गया और छठा चरण मार्च 2019 के अंत में आरंभ होने वाला है।
ज्ञात रहे कि हालिया दिनों में अफ़ग़ानिस्तान में आतंकवादी हमलों में बहुत तेज़ी से वृद्धि हुई है विशेषकर ईदे नौरोज़ अर्थात नए शमसी वर्ष के आरंभ से। पिछले तीन दिनों के दौरान काबुल, क़ंदहार, लशकरगाह और कुछ अन्य क्षेत्रों में आतंकवादी हमलों के दौरान कई लोग मारे गए हैं।