आयतुल्लाह सय्यद अहमद ख़ातमी ने जुमे की नमाज़ के विशेष भाषण में ईरानी राष्ट्रपति डॉक्टर हसन रूहानी के इराक़ के हालिया दौरे और सशस्त्र बल के प्रमुख के सीरिया के हालिया दौरे का उल्लेख करते हुए कहा कि इन दौरों से क्षेत्र में प्रतिरोध का मोर्चा मज़बूत होगा और क्षेत्र साम्राज्यवादियों की मौजूदगी ख़त्म हो जाएगी।
उन्होंने न्यूज़ीलैंड में पिछले हफ़्ते हुए आतंकवादी हमले की ओर इशारा करते हुए कहा कि इस अपराध का कारण पश्चिमी देशों की ओर से ईरानोफ़ोबिया का प्रचार है।
आयतुल्लाह ख़ातमी ने इसी तरह ईरानी नौवर्ष 1398 के इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता द्वारा उत्पादन को बढ़ावा देने के साल के रूप में नामकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में आर्थिक तेज़ी के लिए ज़रूरी है कि अव्यवस्थित आयात पर भी लगाम लगे जो बहुत ज़रूरी है।