18 मार्च 2019 - 18:55
वेनेज़ुएला भी चला ईरान के रास्ते, भारत के सामने रखा यह प्रस्ताव

अमेरिकी प्रतिबंध का सामना कर रहे वेनेज़ुएला ने ईरान के रास्ते पर चलने का फ़ैसला किया है। इस बीच वेनेज़ुएला ने भारत को रुपये के बदले तेल देने का प्रस्ताव दिया है।

प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक़, अमेरिका ने वेनेज़ुएला की तेल से होने वाली कमाई पर प्रहार करने और वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पद छोड़ने के लिए मजबूर करने के उद्देश्य से कई प्रतिबंध थोप दिए हैं। अमेरिका ने वेनेज़ुएला के विपक्षी नेता ख़्वान ग्वाइडो को इसी वर्ष जनवरी में वहां के राष्ट्रपति के रूप में मान्यता दे दी थी। इस बीच वेनेज़ुएला की जनता ने जब अमेरिका द्वारा बलपूर्वक सत्ता में फेरबदल को नकार दिया तो वॉशिंग्टन ने इस देश की जनता और क़ानूनी सरकार पर दबाव बनाने के लिए उस पर नए वित्तीय प्रतिबंध लगाना आरंभ कर दिया ताकि अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय व्यवस्था से इस लैटिन अमेरिकी देश का संपर्क कट जाए।

वेनेज़ुएला पर अभी जो प्रतिबंध लगाए गए हैं, उनके मुताबिक़ अमेरिकी कंपनियां वेनेज़ुएला से कोई कारोबार नहीं कर सकतीं, लेकिन भारत और अन्य देशों के आयातकों को अभी इस प्रतिबंधों के दायरे में नहीं रखा गया है। हालांकि, अमेरिका भारत पर दबाव बढ़ा रहा है कि वेनेज़ुएला से आयात रोक दिया जाए। इंटरनैशनल फाइनैंस सिस्टम से वेनेज़ुएला का संपर्क समाप्त हो जाने पर भारतीय रिफाइनरी कंपनियों को या तो वहां से आयात रोकना होगा या पैसे के भुगतान के लिए कोई दूसरा रास्ता चुनना होगा। एक भारतीय अधिकारी ने बताया कि नई दिल्ली सरकार ने अपनी कंपनियों को पहले ही सलाह दी है कि वे अमेरिकी नियंत्रण वाले पेमेंट सिस्टम से बचें। रिलायंस इंडस्ट्रीज़ और नायरा एनर्जी हर दिन करीब 3 लाख बैरल कच्चा तेल वेनेज़ुएला से आयात करती हैं। अधिकारी ने कहा कि इंटरनैशनल फाइनैंस सिस्टम पर अमेरिकी प्रभाव को देखते हुए भारत में रिफाइनरी कंपनियों के लिए एकमात्र रास्ता यह है कि वे रुपये में पेमेंट करें।

भारतीय अधिकारी ने बताया कि वेनेज़ुएला से आए प्रस्ताव और भारत की रिफाइनरी कंपनियों के सुझाव को देखते हुए इस देश के पेट्रोलियम मंत्रालय ने एक वैकल्पिक व्यवस्था बनाने का सुझाव दिया है, जिसमें पूरा पेमेंट रुपये में किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह तरीक़ा अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना कर रहे इस्लामी गणतंत्र ईरान के मामले में अपनाए गए रास्ते जैस ही होगा। ईरान अभी भारत को प्रतिदिन करीब 3 लाख बैरल कच्चा तेल देता है। भारत के पेट्रोलियम मंत्रालय ने यह प्रस्ताव विदेश मंत्रालय के पास भेजा है, जिसका जवाब अभी नहीं आया है। भारतीय अधिकार के अनुसार रुपये में व्यापार होने से वेनेज़ुएला का तेल आयात करने वाले भारतीय ख़रीदारों के हितों की रक्षा होगी।

ज्ञात रहे कि भारत और वेनेज़ुएला के बीच 6 अरब डॉलर का व्यापार होता है। इसमें से भारत से होने वाला एक्सपोर्ट केवल एक प्रतिशत है। दोनों देश के बीच व्यापार में कच्चे तेल के आयात का ही दबदबा है। वेनेज़ुएला भारत से दवाएं, खाने-पीने की चीज़ें और कपड़े आयात करता है। हालांकि उसके वित्तीय संकट में फंसने के बाद यह आयात घटा है।