अमरीका की यात्रा पर गए अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार हम्दुल्लाह मुहिब ने अपनी अमरीकी यात्रा के दौरान पत्रकारों से वार्ता करते हुए अफ़ग़ानिस्तान के लिए अमरीका के विशेष दूत ज़लमेई ख़लीलज़ाद की कड़ी शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि ख़लीलज़ाद ने अफ़ग़ानिस्तान में अपने लिए कुछ सपने देख रखे हैं जिनको साकार करने के लिए वे काबुल सरकार को कमज़ोर कर रहे हैं। उनकी इच्छा है कि अफ़ग़ानिस्तान में एक अंतरिम सरकार अस्तित्व में आए जिसका सर्वेसर्वा वे ही हों। मुहिब का कहना है कि अमरीकी विशेष दूत से कई बार कहा गया है कि वे तालेबान के साथ वार्ता के विषय को अफ़ग़ान सरकार से शेयर करें लेकिन वे इस बारे में कुछ विस्तार से बताने से बच रहे हैं। कुछ जानकारों का कहना है कि हालिया वर्षों के दौरान अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार का यह बयान अमरीका के विरुद्ध सबसे कड़ा बयान माना जा रहा है। यह बात ध्यान योग्य है कि तालेबान के साथ अमरीका की वार्ता के जो चरण हुए है उनकी सारी जानकारी ज़लमेई खलीलज़ाद के पास मौजूद है किंतु वे उसे काबुल सरकार के सामने रखने में आनाकानी कर रहे हैं। अफ़ग़ानिस्तान की सरकार का मानना है कि तालेबान के साथ वार्ता के संदर्भ में अमरीका और उसके विशेष दूत के क्रियाकलाप काबुल सरकार को कमज़ोर करने की ओर संकेत करते हैं। उधर अमरीका और तालेबान के बीच वार्ता में इस विषय पर चर्चा हुई है कि अफ़ग़ानिस्तान में एक अंतरिम सरकार का गठन किया जाए। अफ़ग़ानिस्तान के लिए अमरीका के विशेष दूत ज़लमई ख़लीलज़ाद की हार्दिक इच्छा है कि वे इस अंतरिम सरकार की ज़िम्मेदारी अपने हाथों में लेने के बाद वह सब करें जो उनके मन में है। अफ़ग़ानी मूल के अमरीकी नागरिक ज़लमेई ख़लीलज़ाद का मानना है कि तालेबान के साथ वार्ता के समय इस देश की राजनीति में प्रविष्ट होने का उचित अवसर है जिसे वाशिग्टन का समर्थन प्राप्त है। एसे में यह कहा जा सकता है कि अमरीका और तालेबान के बीच तथाकथित शांति वार्ता के बारे में अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रीय सलाहकार का वक्तव्य, एक चेतावनी है। यदि इस ओर ध्यान न दिया गया तो अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रीय हित वाइट हाउस के विस्तारवादी लक्ष्यों की भेंट चढ जाएंगे।
15 मार्च 2019 - 17:17
समाचार कोड: 933232
अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने काबुल के संदर्भ में अमरीकी नीति की कड़ी आलोचना की है। हम्दुल्लाह मुहिब ने कहा है कि वाशिग्टन, काबुल सरकार को पूरी तरह से कमज़ोर करने के प्रयास कर रहा है।