14 मार्च 2019 - 17:54
आईआरजीसी के पास क्षेत्र में सबसे अधिक बमबार ड्रोन

गुरुवार को एक सैन्य अभ्यास में ईरान की नई हवाई शक्ति का उदय हुआ है और आईआरजीसी के पास क्षेत्र में सबसे अधिक आक्रामक बमबार ड्रोन हो गए हैं।

गुरुवार को इस्लामी क्रांति संरक्षक बल आईआरजीसी की एयरोस्पेस इकाई ने फ़ार्स की खाड़ी में "इला बैतिलमुक़द्दस-1" (बैतुल मुक़द्दस की ओर-1) नामक हवाई सैन्य अभ्यास किया। इस अवसर पर आईआरजीसी की एयरोस्पेस इकाई के ख़ातमुल अम्बिया बेस के कमांडर जनरल ग़ुलाम अली रशीद, आईआरजीसी के डिप्टी कमांडर जनरल हुसैन सलामी और आईआरजीसी के एयरोस्पेस बल के कमांडर जनरल अमीर अली हाजी ज़ादे के साथ अनेक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी भी उपस्थित थे। इस सैन्य अभ्यास में पहली बार ईरान के 50 आरक्यू-170 आक्रामक विमानों ने कई अन्य ड्रोनों के साथ भाग लिया। ईरान के अतिरिक्त क्षेत्र में भी यह पहली बार है जब इतने ड्रोन, लक्ष्य से एक हज़ार किलो मीटर से अधिक की दूरी पर एक आक्रामक कार्यवाही में भाग ले रहे थे। इन सभी ड्रोनों ने एक निर्धारित समय पर पहले से तै लक्ष्य को बड़ी सटीकता से तबाह कर दिया।

 

इस अवसर पर ख़ातमुल अम्बिया बेस के कमांडर जनरल रशीद ने  इस बात की ओर इशारा करते हुए कि आज आईआरजीसी के एयरोस्पेस बल का सबसे मज़बूत अभ्यास आयोजित हो रहा है, कहा कि अमरीकियों ने दावा किया था कि इस्लामी क्रांति की चालीसवीं वर्षगांठ का जश्न आयोजित नहीं हो पाएगा लेकिन 11 फ़रवरी की रैलियों में जनता ने दसियों लाख की संख्या में शामिल हो कर और आज बड़ी संख्या में ड्रोन विमानों ने विभिन्न स्थानों से उड़ान भर कर और एक साथ शत्रु की काल्पनिक छावनी को ध्वस्त करके एेसा कारनामा कर दिखाया है जिसके बाद अमरीकियों को अपने लिए हिनता व लज्जा का आभास करना चाहिए। इस अवसर पर आईआरजीसी के एयरोस्पेस बल के कमांडर जनरल अमीर अली हाजी ज़ादे ने कहा कि इन ड्रोनों को उन्नत बनाने की पूरी टेकनाॅलोजी, आईआरजीसी के एयरोस्पेस बल ने ही तैयार की है और आज इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता की युक्तियों से ईरान के पास क्षेत्र में सबसे अधिक आक्रामक बमबार ड्रोन हैं।