13 मार्च 2019 - 16:51
इस बयान में आया है कि यह दौरा दो देशों के मैत्रीपूर्ण संबंधों में गहराई और ईरान-इराक़ के बीच रणनैतिक सहयोग के लिए निर्णायक मोड़

ईरानी राष्ट्रपति हसन रूहानी ने अपनी इराक़ यात्रा के दौरान पवित्र शहर नजफ़े अशरफ़ पहुंचकर सबसे पहले हज़रत अली (अ) के रौज़े की ज़ियारत की और उसके बाद वरिष्ठ शिया धर्मगुरु आयतुल्लाह सीस्तानी से मुलाक़ात की।

राष्ट्रपति रूहानी ने पवित्र शहर नजफ़ में स्थित हज़रत इमाम अली (अ) के रौज़े में उपस्थित होकर ज़रीह को चूमा और एक बेहतर दुनिया और दुनिया भर के पीड़ितों के लिए दुआ की।

इराक़ के वरिष्ठ शिया धर्मगुरु आयतुल्लाह सीस्तानी के साथ मुलाक़ात में ईरानी राष्ट्रपति के साथ विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद ज़रीफ़ और बग़दाद में ईरानी राजदूत ईरज मस्जिदी भी उपस्थित थे।

राष्ट्रपति रूहानी के आयतुल्लाह सीस्तानी के घर में प्रवेश करने से ठीक पहले ली गई तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है।

आयतुल्लाह सीस्तानी का घर हज़रत अली (अ) के रौज़े के निकट एक संकीर्ण गली में स्थित है, जो एक बहुत पुरानी और मामूली सी इमारत है।

आयतुल्लाह सीस्तानी का इराक़ी समाज पर व्यापक प्रभाव है और तकफ़ीरी आतंकवादी गुट दाइश के ख़िलाफ़ जिहाद का फ़तवा देना उनके जीवन के महत्वपूर्ण कारनामों में से एक है।

राजनीतिक टीकाकारों का मानना है कि ईरानी नेतृत्व विशेष रूप से इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता के साथ धार्मिक व राजनीतिक समनव्य के लिए भी आयतुल्लाह सीस्तानी की एक ख़ास पहचान है।