महिला अधिकारों की रक्षा के लिए काम करने वाली कई महिला कार्यकर्ताओं के ख़िलाफ़ सऊदी अरब में पहली बार मुक़द्दमे की कार्यवाही शुरू हो गई है। कई महीनों से गिरफ़्तार इन महिलाओं के ख़िलाफ़ बुधवार को पहली बार मुक़द्दमे की कार्यवाही शुरू हुई। रियाज़ के अपराध न्यायालय के जज इब्राहीम सैयारी ने इस बारे में बताया कि दस महिलाओं को आज न्यायालय में उपस्थित किया गया। न्यायालय की कार्यवाही में मीडियाकर्मियों को उपस्थित रहने की अनुमति नहीं दी गई। इन महिलाओं को गत मई महीने में ड्राइविंग के आरोप में गिरफ़्तार किया गया था।
यूरोपीय संघ के सदस्य 28 देशों समेत संसार के कम से कम 36 देशों ने संयुक्त राष्ट्र संघ की मानवाधिकार परिषद में एक बयान जारी करके सऊदी अरब में महिला कार्यकर्ताओं की गिरफ़्तारी की कड़ी आलोचना की है और सरकार विरोधी पत्रकार जमाल ख़ाशुक़जी की हत्या में सहयोग करने की मांग की है। राष्ट्र संघ की मानवाधिकार परिषद के इतिहास में यह पहली बार है जब सऊदी अरब की इस तरह से आलोचना की गई है। सूचनाएं हैं कि इन महिला कार्यकर्ताओं को शारीरिक व मानसिक यातनाएं दी गई हैं।