10 मार्च 2019 - 18:50
रियाज़ और अबूधाबी के दिमाग़ में क्या चल रहा है? ब्लैक वॉटर का ताज़ा रहस्योद्धाटन

अमरीका की निजी सुरक्षा एजेन्सी ब्लैक वॉटर के संस्थापक और प्रसिद्ध व्यापारी ने अलजज़ीरा टीवी चैनल से बात करते हुए वर्ष 2016 में अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प के बड़े बेटे और सऊदी अरब व संयुक्त अरब इमारात के दो प्रतिनिधियों के होने वाली मुलाक़ात की पुष्टि की जिसका लक्ष्य ईरान के विरुद्ध षड्यंत्र रचना था।

एरिक प्रिंस ने पुष्टि की कि यह बैठक अगस्त 2016 में ट्रम्प टॉवर में अमरीकी चुनाव कैम्पेन के आयोजन के समय आयोजित हुए और इस बैठक में ईरान के बारे में अपनाई जाने वाली नीतियों पर विचार विमर्श किया गया था।

यह ऐसी स्थिति में है कि इससे पहले प्रिंस ने अमरीकी कांग्रेस में उपस्थित होकर ट्रम्प के चुनावी कैम्पेन में किसी भी प्रकार के हस्तक्षेप का इनकार किया था।

अलजज़ीरा टीवी चैनल के एंकर महदी हसन ने जब उनसे इस बैठक के बारे में अमरीकी कांग्रेस को न बताए जाने का कारण पूछा तो उन्होंने इस विषय का ही इनकार कर दिया और कार्यक्रम में उक्त बैठक के बारे उनके बयानों को ग़लत क़रार दिया।

ज्ञात रहे कि ट्रम्प जूनियर की प्रिंस और जार्ज नादिर से मुलाक़ात की ख़तर पहली बार अमरीकी पत्रिका न्यूयार्क टाइम्ज़ ने पिछले वर्ष प्रकाशित की थी। न्यूयार्क टाइम्ज़ ने लिखा कि नादिर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब इमारत के सत्ताधारी लोगों के बीच प्रभावी व रहस्यमयी छवि के स्वामी हैं, वह अमरीकी चुनाव के आयोजन से ठीक तीन महीना पहले ट्रम्प तथा दोनों देशों के क्रांउन प्रिंसों के बीच संपर्क का रास्ता रहे हैं।

न्यूयार्क टाइम्ज़ ने लिखा था कि नादिर ने ट्रम्प जूनियर से मुलाक़ात में, राष्ट्रपति चुनाव में उनके पिता की विजय के लिए सहायता करने हेतु सऊदी अरब और इमारात के राजकुमारों की उत्सुकता को स्पष्ट कर दिया था और कहा था कि उनका यह मानना है कि ट्रम्प, ओमामा की नीतियों के बाद मध्यपूर्व में पैदा होने वाले शक्ति के शून्य को भर सकते हैं।

न्यूयार्क टाइम्ज़ ने अपनी रिपोर्ट में जिस पर मीडिया ने बहुत अधिक ध्यान दिया था, बताया था कि तेहरान को अपना परमाणु कार्यक्रम छोड़ने के लिए उस पर दबाव डालने के उद्देश्य से ईरान की अर्थव्यवस्था को नुक़सान पहुंचाने के  लिए उस समय नादिर ने एक योजना तैयार की। न्यूयार्क ने इस बात की ओर संकेत नहीं किया कि इस योजना को अबूधाबी और रियाज़ का कितना समर्थन प्राप्त था और क्या इस योजना पर काम किया गया या नहीं?

बहरहाल रियाज़ और वाशिंग्टन के बीच पर्दे के पीछे संबंधों की बात किसी से ढकी छिपी नहीं है क्योंकि सवाल यह पैदा होता है कि वाशिंग्टन सऊदी अरब के अपराधों से आंखें क्यों बंद कर लेता है।

अभी हाल ही में डेलीपोस्ट वेबसाइट ने रिपोर्ट दी थी कि डोनल्ड ट्रम्प के दामाद और उनके सलाहार जेयर्ड कूश्नर की सऊदी अरब की यात्रा के दौरान अमरीकी दूतावास के कर्मियों को प्रोटोकॉल के विपरीत मुहम्मद बिन सलमान और देश के अन्य अधिकारियों से उनकी निजी मुलाक़ात में जाने से रोक दिया गया था।

यह ऐसी हालत में है कि अमरीका पिछले महीने तक सऊदी पत्रकार जमाल ख़ाशुक़्जी की हत्या और इस हत्या में मुहम्मद बिन सलमान की भूमिका के बारे में पता चलने के बाद बिन सलमान के समर्थन के प्रयास में रहा है।