ईरान के चाबहार बंदरगाह के माध्यम से अफ़ग़ानिस्तान की पहली खेप भारत रवाना की जाने वाली है। इस अवसर पर अफ़ग़ानिस्तान के नीमरोज़ प्रांत में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति मोहम्मद अशरफ़ ग़नी, ईरान और भारत सहित क्षेत्र के कुछ देशों के राजदूत भी उपस्थित थे।
अफ़ग़ानिस्तान से भारत भेजी जाने वाली 570 टन की पहली खेप में गल्ले और स्टोन पावडर भी शामिल हैं।
अफ़ग़ानिस्तान की पहली खेप का ईरान के चाबहार बंदरगाह के माध्यम से भारत भेजने के क्रम का आरंभ होना वास्तव में ईरान, भारत और अफ़ग़ानिस्तान के मध्य होने वाले समझौते के क्रियांन्वयन का आरंभिक बिन्दु है।
ईरान, भारत और अफ़ग़ानिस्तान ने चाबहार समझौते के क्रियान्वयन की दिशा में कदम उठाकर यह बता दिया है कि वे अपने आर्थिक संबंधों को मज़बूत व बेहतर बनाये जाने के प्रति दृढ़ संकल्पित हैं।
यह ऐसी स्थिति में जब दक्षिण एशिया को आतंकवादी गतिविधियों का सामना है और दूर और निकट के कुछ देश क्षेत्रीय देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप कर रहे हैं।
ईरान, भारत और अफ़ग़ानिस्तान ने तीन साल पहले चाबहार समझौते पर हस्ताक्षर किये थे और उसका लक्ष्य ईरान के माध्यम से भारत का अफ़ग़ानिस्तान तक सरल पहुंच है। इसी प्रकार इसका लक्ष्य ईरान के माध्यम से अफ़ग़ानिस्तान का अंतरराष्ट्रीय मंडियों तक सरल व सस्ती पहुंच है।
अफ़ग़ानिस्तान एक शुष्क देश है और व्यापारिक लेन- देन के लिए उसे बहुत अधिक कठिनाइयों का सामना है इस बात के दृष्टिगत ईरान की चाबहार बंदरगाह तक अफ़ग़ानिस्तान की पहुंच बहुत महत्वपूर्ण है। काबुल सरकार और अफ़ग़ानिस्तान के आर्थिक विशेषज्ञ ईरान की चाबहार बंदरगाह को व्यापारिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण समझ रहे हैं।
भारत भी चाबहार बंदरगाह के माध्यम से अफगानिस्तान और केन्द्रीय एशिया के देशों तक पहुंच को बहुत महत्वपूर्ण मान रहा है। भारतीय अधिकारी चाबहार बंदरगाह को सस्ता और सुरक्षित रास्ता समझ रहे हैं और इसी कारण ईरान के खिलाफ प्रतिबंध के समय भी भारतीय अधिकारियों ने अमेरिका का आह्वान किया था कि इस बंदरगाह को प्रतिबंधों को अलग रखा जाये।
बहरहाल अफ़ग़ानिस्तान से भारत के लिए चाबहार बंदरगाह के माध्यम से पहली खेप का रवाना किया जाना ईरान, भारत और अफ़गानिस्तान के बीच सहकारिता का परिणाम है और यह चीज़ क्षेत्रीय देशों के बीच आर्थिक स्थिति के बेहतर होने के अलावा उनकी शांति व सुरक्षा में मज़बूती का कारण बनेगी।