ट्रम्प ने यूरोपीय देशों को धमकी दी है किअगर उन्होंने अमरीकी गठजोड़ द्वारा पकड़े गए दाइश के 800 विदेशी आतंकियों को वापस नहीं लिया तो अमरीका उन्हें मुक्त कर देगा। जर्मनी के विदेश मंत्री हाइको मास ने एआरडी टीवी से बात करते हुए कहा कि एेसा होना संभव नहीं है क्योंकि इन आतंकियों को उसी स्थिति में वापस लिया जा सकता है जब यह निश्चित हो कि उन्हें गिरफ़्तार करते ही न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए सूचनाओं व जांच की ज़रूरत है और जब तक ये सब संभव न हो तब तक उन्हें वापस लेना बहुत कठिन है। डेनमार्क ने भी ट्रम्प की बातों पर प्रतिक्रिया जताई है और इसका विरोध किया है। इस देश के प्रधानमंत्री रासमोसन ने कहा है कि डेनमार्क एेसा नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि हम दुनिया के सबसे ख़तरनाक लोगों के बारे में बात कर रहे हैं और हमें उन्हें स्वीकार नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सीरिया की परिस्थितियां अभी स्थिर नहीं हैं और इसके दृष्टिगत ट्रम्प की बातें ठोस नहीं हैं।
गत जनवरी में फ़्रान्स ने उत्तरी सीरिया में कुर्द बलों के हाथों गिरफ़्तार होने वाले आतंकी गुट दाइश के सदस्य 130 फ़्रान्सीसी नागरिकों को पेरिस लौटाए जाने की मांग की थी ताकि उन पर फ़्रान्स में मुक़द्दमा चलाया जाए। ट्रम्प ने दाइशी आतंकियों को यूरोप लौटाए जाने के बारे में ट्वीट किया है कि अमरीका, अपने यूरोपीय सहयोगियों ब्रिटेन, फ़्रान्स, जर्मनी व अन्य देशों से चाहता है कि वे उन 800 दाइशी लड़ाकों को अपने नियंत्रण में लेकर मुक़द्दमा चलाएं जिन्हें हमने सीरिया में पकड़ा है। दाइश की ख़िलाफ़त बिखरने ही वाली है, इस विषय का विकल्प, जो कि अच्छा नहीं है, यह है कि हम उन्हें छोड़ने पर विवश हो जाएं।
अमरीका के राष्ट्रपति ने अपने एक और ट्वीट में लिखा है कि अमरीका, यूरोप में इन दाइशी लड़ाकों का प्रभाव नहीं देखना चाहता क्योंकि संभावित रूप से वहां एेसे स्थान हैं जहां वे जाएंगे। हम हद से ज़्यादा काम और पैसे ख़र्च कर रहे हैं और अब समय आ गया है कि दूसरे आगे बढ़ें और जो कर सकते हैं, करें। हम दाइश की ख़िलाफ़त पर शत प्रतिशत विजय के बाद अपने देश लौट जाएंगे। दाइश से संघर्ष के संबंध में ट्रम्प के ये दावे एेसी स्थिति में हैं कि जब इराक़ व सीरिया के अधिकारियों और संचार माध्यमों ने हालिया वर्षों में एेसी अनेक रिपोर्टें दी हैं जिनसे सिद्ध होता है कि वाॅशिंग्टन ने दाइश के आतंकियों की मदद की है।