नेतनयाहू ने बुधवार को ट्वीट करके कहा, इस बैठक के बारे में महत्वपूर्ण बात यह है कि यह इस्राईल और प्रमुख अरब देशों के बीच एक खुली बैठक है, जिसमें ईरान के साथ युद्ध के संयुक्त हित पर चर्चा होगी।
हालांकि ईरानी विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद ज़रीफ़ की कड़ी आलोचना के बाद, इस्राईली प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतनयाहू ने अपने शब्दों में थोड़ा सा परिवर्तन करके युद्ध के स्थान पर ईरान का मुक़ाबला करने के शब्द का इस्तेमाल किया।
ग़ौरतलब है कि इस्राईली प्रधान मंत्री नेतनयाहू पोलैंड की राजधानी वारसॉ में बुधवार को शुरू होने वाले ईरान विरोधी सम्मेलन में भाग ले रहे हैं, यह सम्मेलन अमरीका के नेतृत्व में आयोजित हो रहा है, जिसका विषय मध्यपूर्व में शांति व व्यवस्था बताया गया है।
ईरानी विदेश मंत्री ने इस्लामी क्रांति संरक्षक बल आईआरजीसी पर आतंकवादी हमले के तुरंत बाद ईरान के ख़िलाफ़ युद्ध छेड़ने के नेतनयाहू के बयान पर प्रश्नचिन्ह लगाते हुए कहा था कि ईरान में आतंकवादी हमले के तार हो सकता है वारसॉ में जो सरकस चल रहा है, उससे जुड़े हों।
बुधवार की शाम आईआरजीसी की एक बस पर हुए आत्मघाती हमले की ज़िम्मेदारी आतंकवादी गुट जैशुल अद्ल ने स्वीकार की है।
वारसॉ सम्मेलन विश्व स्तर पर ईरान पर दबाव बढ़ाने के अमरीका के प्रयासों का ही एक भाग है।
ट्रम्प प्रशासन ने मई 2018 में परमाणु समझौते से निकलने के बाद से ही ईरान विरोधी कार्यवाहियों में वृद्धि कर दी है।