एएफ़पी के अनुसार पेन्टागन चीफ़ ने साथ ही यह मांग भी की है कि अफ़ग़ान शांति वार्ता में काबुल सरकार को आवश्यक रूप से शामिल किया जाए।
अमरीका की ओर से तालेबान के साथ शांति वार्ता जारी है किन्तु नैटो के सेक्रेट्री जनरल जेनीफ़र स्टोलटेनबर्ग ने अशरफ़ ग़नी की सरकार के शांति वार्ता में शामिल होने पर विलंब की ओर से सचेत किया है।
दूसरी ओर अमरीका के उप रक्षामंत्री पेट्रिक शेन्हान ने कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान से अमरीकी सैनिकों की संख्या में कमी का फ़ैसला नैटो से सलाह के बाद संभव होगा।
ज्ञात रहे कि अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प अफ़ग़ानिस्तान में मौजूद 14 हज़ार अमरीकी सैनिकों की वापसी चाहते हैं किन्तु चिंता व्यक्त की जा रही है कि अमरीका, काबुल में स्थाई शांति स्थापित किए बिना निकला नहीं चाहता।