ईरान की शाही सरकार के अंतिम विदेशमं अर्दशीर ज़ाहेदी ने एक साक्षात्कार में कहा है कि ईरान के प्रयास प्रशंसनीय हैं।
उन्होंने इस्लामी क्रांति की सफलता की चालीसवीं वर्षगांठ पर एक साक्षात्कार में कहा कि ईरान के बाहर रहने वाले गुट जो यह सोचते हैं कि वे ईरान की इस्लामी व्यवस्था का तख्ता पलट देंगे तो यह साकार न होने वाला स्वप्न है।
अर्दशीर ज़ाहेदी ने विभिन्न क्षेत्रों में ईरान की उपलब्धियों को स्वीकार करते हुए कहा कि जो गुट ईरान से बाहर हैं वे ईरान की इस्लामी व्यवस्था को उखाड़ फेंकने के लिए सक्रिय हैं वे विश्वासघाती और भ्रष्ट हैं और वे विदेशी सरकारों से पैसा लेते हैं।
उन्होंने रशा टूडे से साक्षात्कार में ईरान की वर्तमान स्थिति और गत चालीस वर्षों के दौरान ईरान की प्रगति के बारे में कहा कि आज का ईरान चालीस साल पहले के ईरान से भिन्न है। आज ईरान की जनसंख्या लगभग आठ करोड़ तीस लाख है और 60 प्रतिशत ईरानी शिक्षित हैं।
उन्होंने कहा कि आठ करोड़ तीस लाख लोगों में से तीन करोड़ एसे हैं जो कार्य करते हैं, डाक्टर हैं, अस्पतालों के प्रमुख हैं, मंत्री हैं और इसी प्रकार विश्व विद्यालयों या किसी अन्य विभाग के प्रमुख हैं और इसी प्रकार इस तीन करोड़ तीस लाख में से दो तिहाई शिक्षित महिलाएं हैं।
ईरान की शाही सरकार के अंतिम विदेशमंत्री ने इसी प्रकार कहा कि मैं इस बात पर गर्व करता हूं चूंकि यह मेरा देश है और यह वह चीज़ है जो पिछले चालीस साल में हुई है।
उन्होंने ईरान के सामने मौजूद आर्थिक समस्याओं के बारे में कहा कि मेरे लिए इस बात का कोई महत्व नहीं है कि कौन शासन कर रहा है मैं ईरानी नेताओं का सम्मान करता हूं क्योंकि वे एक सिद्धांत के अनुसार काम कर रहे हैं और जब मैं यह सुनता हूं तो उनकी प्रशंसा करता हूं।
ईरान की शाही सरकार के अंतिम विदेशमंत्री अर्दशीर ज़ाहेदी ने इस्लामी व्यवस्था को गिराने हेतु अमेरिका और कुछ गुटों के प्रयास को अर्थहीन बताया और कहा कि इस्लामी व्यवस्था को गिराने का प्रयास करने वाले बहुत से गुट विदेशों से पैसा लेते हैं और स्वयं अपने लोगों के खिलाफ काम करते हैं।
उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरानी सरकार को बदलना चाहता है और उसका एक विकल्प रज़ा पहलवी है परंतु यह केवल कोरी कल्पना है क्योंकि ईरान वापस जाना इतना आसान नहीं है आज ईरान के पास सेना है, पुलिस है तो वे किस तरह ईरान जा सकते हैं?