9 फ़रवरी 2019 - 14:07
पैग़म्बरे इस्लाम (स) की बेटी हज़रत फ़ातेमा ज़हरा (स) की शहादत के अवसर पर ईरान सहित पूरी दुनिया में शोक की लहर

पैग़म्बरे इस्लाम की प्यारी बेटी , हज़रत फ़ातेमा ज़हरा के शहादत के अवसर पर ईरान सहित पूरा विश्व शोक में डूबा हुआ है और दुनिया के हर कोने में शोक सभाओं का आयोजन किया जा रहा है।

प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार पैग़म्बरे इस्लाम की एक मात्र सुपुत्री सिद्दीक़े ताहिरा हज़रत फ़ातेमा ज़हरा सलामुल्लाह अलैहा के शहादत दिवस पर पूरा इस्लामी गणतंत्र ईरान काले रंग में रंग गया है। इस समय ईरान के हर प्रांत, हर शहर, हर गांव और सभी मोहल्लों से अज़ादारी की आवाज़ें आ रही हैं। इस समय ईरान की वायु में केवल एक ही आवाज़ गूंज रही है और वह है “या ज़हरा”। दूसरी ओर ईरान के आलावा इराक़, सीरिया और दुनिया के ज़्यादातर देशों में हज़रत ज़हरा (स) की शहादत के अवसर पर आयोजित हो रहे कार्यक्रमों के समाचार प्राप्त हो रहे हैं।

इस्लामी कैलेंडर के छठे महीने, जमादिउस्सानी की 3 तारीख़, पैग़म्बरे इस्लाम की बेटी और हज़रत अली की पत्नी हज़रत फ़ातेमा ज़हरा (स) की शहादत की तारीख़ है। इस अवसर पर इस्लामी गणतंत्र ईरान में सरकारी अवकाश रहता है। इस ग़म के मौक़े पर ईरान के हर कोने में शोक सभाओं का आयोजन होता है।

राजधानी तेहरान में लगातार तीन दिनों से हज़रत फ़ातेमा ज़हरा सलामुल्लाह अलैहा के शहादत दिवस के अवसर पर जुलूस निकाए जा रहे हैं जबकि शोक सभाओं का सिलसिला पांच दिन से जारी है। तेहरान की इमाम ख़ुमैनी बारगाह में बड़े पैमाने पर मजलिस का आयोजन हुआ जिसमें इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनई ने भी भाग लिया जबकि अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। मजलिस में हज़ारों की संख्या में आम लोग भी उपस्थित थे।

तेहरान में पैग़म्बरे इस्लाम के वंशज शाह अब्दुल अज़ीम हसनी के मज़ार पर श्रद्धालुओं की भीड़ शुक्रवार रात से ही एकत्रित है। इसी प्रकार इमाम ख़ुमैनी के मज़ार में भी मजलिसें हो रही हैं। पवित्र नगर मशहद में लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ है जहां पैग़म्बरे इस्लाम के पौत्र हज़रत इमाम अली रज़ा अलैहिस्सलाम का मज़ार है। मशहद में भी गुरुवार से ही शोक सभाओं का क्रम जारी है और शनिवार की सुबह से जुलूसों का सिलसिला शुरू हो गया जो दिन भर जारी रहा। शहर के विभिन्न भागों से निकलने वाले जुलूस इमाम अली रज़ा अलैहिस्सलाम के रौज़े पर पहुंचकर समाप्त हुए।

पवित्र नगर क़ुम में पैग़म्बरे इस्लाम की वंशज और इमाम अली रज़ा अलैहिस्सलाम की बहन हज़रत फ़ातेमा मासूमा के रौज़े में भी बड़े पैमाने पर शोक सभाओं का आयोजन किया गया। जहां ईरानी श्रद्धालुओं के साथ-साथ बड़ी संख्या में भारतीय एवं पाकिस्तानी श्रद्धालु भी मौजूद हैं और बड़ी-बड़ी शोक सभाओं का आयोजन करके हज़रत फ़ातेमा ज़हरा (स) को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। जबकि शनिवार सुबह से क़ुम में भी जुलूसों का तांता लगा रहा।

दूसरी ओर इराक़ के विभिन्न नगरों और विशेष रूप से पवित्र नजफ़ और कर्बला में हज़रत फ़ातेमा ज़हरा सलामुल्लाह अलैहा का शोक बड़े पैमाने पर मनाया जा रहा है। भारत और पाकिस्तान में लाखों लोगों की उपस्थिति में हज़रत फ़ातेमा की शहादत की बरसी पर मजलिसों का आयोजन किया गया। भारत में लखनऊ, हैदराबाद, मुंबई, श्रीनगर, करगिल और नई दिल्ली सहित इस देश के बहुत से नगरों में लोगों ने शोक सभाओं में भाग लिया। इसी प्रकार से पाकिस्तान के बहुत से नगरों में मजलिसों और मातम का आयोजन किया गया।