इस संबंध में ताज़ा क़दम के अंतर्गत यूरोपीय संघ के विदेशी मामलों की प्रभावी फ़ेड्रिका मोगरीनी की प्रवक्ता माया कोसीजेनेसिस ने बल देकर कहा है कि ख़ाशुक़जी हत्याकांड की विस्तृत व ठोस जांच के संबंध में यूरोपीय संघ के रुख़ में कोई परिवर्तन नहीं आया है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र संघ के विशेष रिपोर्टर एग्नेस कालामार्ड की ओर से ख़ाशुक़जी हत्याकांड में सऊदी अरब को दोषी बताए जाने के संबंध में एक पत्रकार के सवाल के जवाब में कहा कि इस बारे में यूरोपीय संघ की नीति में कोई बदलाव नहीं आया है। हम इससे पहले भी कह चुके हैं और अब एक बार फिर बल देकर कह रहे हैं यूरोपीय संघ चाहता है कि इस हत्याकांड की विस्तृत व ठोस जांच होनी चाहिए।
यूरोपीय संघ ने ख़ाशुक़जी हत्याकांड के बारे में संयुक्त राष्ट्र संघ की ओर से जांच के नए परिणाम सामने आने के बाद अपने रुख़ पर एक बार फिर बल दिया है। इस हत्याकांड की जांच करने वाले संयुक्त राष्ट्र संघ के विशेष रिपोर्टर एग्नेस कालामार्ड पिछले हफ़्ते तुर्की गए थे। उन्होंने कहा है कि साक्ष्यों और परिणामों से पता चलता है कि जमाल ख़ाशुक़जी की हत्या की योजना सऊदी अधिकारियों ने तैयार की और उन्होंने ही यह हत्या भी की है। इस प्रकार ख़ाशुक़जी की हत्या का आदेश देने और उसकी योजना बनाने में सऊदी अरब के युवराज मुहम्मद बिन सलमान की भूमिका पहले से भी अधिक स्पष्ट हो गई है।
इस बीच यूरोपीय देश और यूरोपीय संघ, सऊदी अरब के सरकार विरोधी पत्रकार जमाल ख़ाशुक़जी की हत्या का विदित रूप से निंदा तो करते हैं लेकिन यूरोपीय देश, सऊदी अरब को हथियारों की बिक्री रोकने और इन समझौतों से होने वाले अरबों डाॅलर के लाभ को छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं। इसी लिए सऊदी अरब अब भी पहले की तरह अपने अमानवीय अपराधों को जारी रखे हुए है और देश के भीतर व बाहर अपने विरोधियों का दमन, मानवाधिकारों का हनन और यमन के ख़िलाफ़ अतिक्रमण बंद करने के लिए तैयार नहीं है।