28 जनवरी 2019 - 18:22
वेनेज़ुएला संकट, ईरान और रूस के बीच महत्वपूर्ण चर्चा

इस्लामी गणतंत्र ईरान और रूस के विदेशमंत्रियों ने वेनेज़ुएला की हालिया स्थिति के बारे में विचार विमर्श किया।

इस्लामी गणतंंत्र ईरान के विदेशमंत्री मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ और रूस के विदेशमंत्री सर्गेई लावरोफ़ ने सोमवार को होने वाली अपनी टेलीफ़ोनी वार्ता में वेनेज़ुएला की ताज़ा स्थिति के बारे में विचार विमर्श किया और वेनेज़ुएला में दोनों पक्षों के बीच परस्पर वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए अपनी तत्परता की घोषणा की।

दोनों देशों के विदेशमंत्रियों ने वेनेज़ुएला में जारी स्थिति की समीक्षा करते हुए कहा कि उनके देश वेनेज़ुएला में राजनैतिक संकट को समाप्त करने तथर शांति और स्थिरता की स्थापना के लिए दोनों पक्षों के बीच परस्पर वार्ता शुरु कराने के लिए तैयार हैं। 

ईरान और रूस के विदेशमंत्रियों ने इसी प्रकार ईरान और रूस के बीच द्विपक्षीय सहयोग में विस्तार के विषय पर भी विचार विमर्श किया। 

वेनेज़ोएला के अपदस्थ संसद सभापति ख़्वान ग्वाइडो ने गत बुधवार को ख़ुद को देश का राष्ट्रपति घोषित कर दिया और अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने तत्काल एक बयान जारी करके ग्वाइडो को वेनेज़ोएला के अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में मान्यती भी दे दी। अमरीका ने कहा है कि वह वेनेज़ोएला में लोकतंत्र की स्थापना करने के लिए हर प्रकार के आर्थिक और कूटनैतिक साधन प्रयोग करेगा।

वेनेज़ोएला के राष्ट्रपति को रूस, चीन, ईरान, तुर्की, क्यूबा, बोलीविया और मैक्सिको का समर्थन मिला है। रूस के राष्ट्रपति व्लादमीर पुतीन और तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब अर्दोग़ान ने वेनेज़ोएला के राष्ट्रपति से फ़ोन पर बात की और उन्होंने अपने समर्थन का यक़ीन दिलाया। चीन ने अमरीका से कहा कि वह ख़ुद को वेनेज़ोएला के संकट से दूर रखे इस देश में हस्तक्षेप की कोशिश न करे।

वेनेज़ोएला के हालात ने एक बार फिर साबित कर दिया कि अमरीका, कैनेडा और फ़्रांस सहित अनेक पश्चिमी देश जो लोकतंत्र का ढकोसला करते नहीं थकते किसी भी देश में अपने स्वार्थों के लिए लोकतंत्र की हत्या करने में एक क्षण के लिए भी नहीं हिचकिचाते।